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बैराटखाई जंगल में लगी आग पर पाया नियंत्रण
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
कालसी। चकराता वन प्रभाग की रिवर रेंज अंतर्गत कंपार्टमेंट नंबर 12 में कालसी-बैराटखाई मार्ग पर सुखेड़ी बैंड के पास शुक्रवार दोपहर लगी आग पर वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद काबू पा लिया। टीम ने शुक्रवार को रात 10 बजे तक आग बुझाने की कोशिशें की थीं, लेकिन कामयाबी नहीं मिल पाई थी।
शनिवार सुबह चार बजे वन विभाग की टीम वन क्षेत्राधिकारी बीडी सकलानी और डिप्टी रेंजर महेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में रवाना हुई। इसके बाद दोपहर 12 बजे तक दवानल को पूरी तरह से नियंत्रित कर लिया गया। रेंजर बीडी सकलानी ने बताया कि फायर लाइन बनाकर कंपार्टमेंट को आग से सुरक्षित कर लिया गया है।
जानकारी के अनुसार कालसी से लगभग पांच किलोमीटर दूर बैराटखाई मोटर मार्ग पर जिस जगह जंगल में आग लगी थी, वहां संरक्षित प्रजाति के साल सहित अमलतास, झींगन बाकली आदि मिश्रित प्रजाति के वृक्ष भारी संख्या में हैं। साथ ही रुएल की घनी झाड़ियां भी हैं जो अत्यंत ज्वलनशील होती हैं। इस कारण आग का दायरा बहुत तेजी से बढ़ता चला जा रहा था। आग से पेड़ पौधों के जलने के साथ ही वन्य प्राणियों की जान को भी खतरा पैदा हो गया था।
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वन विभाग की टीम शुक्रवार शाम से ही दवानल को नियंत्रित करने के लिए कड़ी मशक्कत कर रही थी। आखिरकार वनकर्मियों की मेहनत रंग लाई और जैव विविधता के लिहाज से संवेदनशील वन क्षेत्र में लगी आग पर काबू पा लिया गया।
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कालसी। चकराता वन प्रभाग की रिवर रेंज अंतर्गत कंपार्टमेंट नंबर 12 में कालसी-बैराटखाई मार्ग पर सुखेड़ी बैंड के पास शुक्रवार दोपहर लगी आग पर वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद काबू पा लिया। टीम ने शुक्रवार को रात 10 बजे तक आग बुझाने की कोशिशें की थीं, लेकिन कामयाबी नहीं मिल पाई थी।
शनिवार सुबह चार बजे वन विभाग की टीम वन क्षेत्राधिकारी बीडी सकलानी और डिप्टी रेंजर महेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में रवाना हुई। इसके बाद दोपहर 12 बजे तक दवानल को पूरी तरह से नियंत्रित कर लिया गया। रेंजर बीडी सकलानी ने बताया कि फायर लाइन बनाकर कंपार्टमेंट को आग से सुरक्षित कर लिया गया है।
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जानकारी के अनुसार कालसी से लगभग पांच किलोमीटर दूर बैराटखाई मोटर मार्ग पर जिस जगह जंगल में आग लगी थी, वहां संरक्षित प्रजाति के साल सहित अमलतास, झींगन बाकली आदि मिश्रित प्रजाति के वृक्ष भारी संख्या में हैं। साथ ही रुएल की घनी झाड़ियां भी हैं जो अत्यंत ज्वलनशील होती हैं। इस कारण आग का दायरा बहुत तेजी से बढ़ता चला जा रहा था। आग से पेड़ पौधों के जलने के साथ ही वन्य प्राणियों की जान को भी खतरा पैदा हो गया था।
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वन विभाग की टीम शुक्रवार शाम से ही दवानल को नियंत्रित करने के लिए कड़ी मशक्कत कर रही थी। आखिरकार वनकर्मियों की मेहनत रंग लाई और जैव विविधता के लिहाज से संवेदनशील वन क्षेत्र में लगी आग पर काबू पा लिया गया।