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शिक्षा नीति में सुधार की आवश्यकता : प्रो. सिंघल
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
सेलाकुई। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक मंगलवार को द इंडियन पब्लिक स्कूल राजावाला में हुई। बैठक में राष्ट्र के विकास की अवधारणा को पुष्ट करने के लिए पूरे देश में कार्यक्रमों के आयोजन का निर्णय लिया गया।
बतौर मुख्य वक्ता महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. जेेपी सिंघल ने कहा कि नवीन शिक्षा नीति के प्रारूप में बहुत ही महत्वपूर्ण विषय लिए गए हैं, लेकिन अभी भी इसमें अत्यधिक सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सुधार के लिए राष्ट्रीय कार्यकारणी में आए सुझावों को सरकार सहित संबंधित मंत्रालयों को भेजा जाएगा। बताया कि संगठन मानवाधिकार विषय को केंद्र मानकर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित करेगा। बताया कि गौतम बुद्ध विवि के तत्वावधान में देश में एक दर्जन स्थानों पर राष्ट्रीय संगोष्ठी होगी। बैठक में संगठन के विस्तार की व्यापक कार्ययोजना के साथ ही शिक्षा एवं शिक्षकों की समस्याओं के समाधान की योजना को अंतिम रूप दिया गया। वक्ताओं ने नवीन शिक्षा नीति के प्रारूप पर अपने सुझाव दिए। इस दौरान महामंत्री शिवानंदन सिंदनकेरा, ओमपाल सिंह, डॉ. हरनाम सिंह, महेंद्र कुमार, डॉ. शेखर चंदात्रे, प्रो. शैलेश मिश्रा, पवित्र रथ, मोहन कन्नम, आलोक चट्टोपाध्याय, मोहन पुरोहित, विजय सिंह, कल्पना पांडे, प्रियंवदा सक्सेना, डॉ. निर्मला यादव, डॉ. रश्मि रावत, दिग्विजय सिंह, कृष्ण सरकार आदि मौजूद रहे।
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सेलाकुई। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक मंगलवार को द इंडियन पब्लिक स्कूल राजावाला में हुई। बैठक में राष्ट्र के विकास की अवधारणा को पुष्ट करने के लिए पूरे देश में कार्यक्रमों के आयोजन का निर्णय लिया गया।
बतौर मुख्य वक्ता महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. जेेपी सिंघल ने कहा कि नवीन शिक्षा नीति के प्रारूप में बहुत ही महत्वपूर्ण विषय लिए गए हैं, लेकिन अभी भी इसमें अत्यधिक सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सुधार के लिए राष्ट्रीय कार्यकारणी में आए सुझावों को सरकार सहित संबंधित मंत्रालयों को भेजा जाएगा। बताया कि संगठन मानवाधिकार विषय को केंद्र मानकर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित करेगा। बताया कि गौतम बुद्ध विवि के तत्वावधान में देश में एक दर्जन स्थानों पर राष्ट्रीय संगोष्ठी होगी। बैठक में संगठन के विस्तार की व्यापक कार्ययोजना के साथ ही शिक्षा एवं शिक्षकों की समस्याओं के समाधान की योजना को अंतिम रूप दिया गया। वक्ताओं ने नवीन शिक्षा नीति के प्रारूप पर अपने सुझाव दिए। इस दौरान महामंत्री शिवानंदन सिंदनकेरा, ओमपाल सिंह, डॉ. हरनाम सिंह, महेंद्र कुमार, डॉ. शेखर चंदात्रे, प्रो. शैलेश मिश्रा, पवित्र रथ, मोहन कन्नम, आलोक चट्टोपाध्याय, मोहन पुरोहित, विजय सिंह, कल्पना पांडे, प्रियंवदा सक्सेना, डॉ. निर्मला यादव, डॉ. रश्मि रावत, दिग्विजय सिंह, कृष्ण सरकार आदि मौजूद रहे।
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