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मिट्टी की क्षमता के आधार पर तय होगी भवन की ऊंचाई

Tue, 04 Jun 2019 02:00 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 04 Jun 2019 02:00 AM IST
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मिट्टी की क्षमता के आधार पर तय होगी भवन की ऊंचाई
मिट्टी की क्षमता के आधार पर तय होगी भवन की ऊंचाई
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। राजधानी में अब मिट्टी की क्षमता के आधार पर भवन की ऊंचाई तय होगी। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने ये व्यवस्था मंगलवार से लागू की है। इसके साथ ही अब बिल्डिंग की ऊंचाई की लिमिट 30 मीटर खत्म कर दी गई है। हालांकि ये फैसला मसूरी डायवर्जन के आसपास लागू नहीं होगा। इस इलाके में अधिकतम ऊंचाई 21 मीटर ही रहेगी।
दून में अब 30 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली बिल्डिंग बनाने की राह खुल गई है। एमडीडीए ने बिल्डिंग बायलॉज में बदलाव कर मंगलवार से नई व्यवस्था लागू की है। अब नई व्यवस्था के हिसाब से नक्शे पास होंगे। विभागीय अधिकारियों की मानें तो हाईराइज जोन में बिल्डिंग की ऊंचाई गुजरात की तर्ज पर 50 से 70 मीटर तक भी पहुंच सकती है। मैदानी क्षेत्रों में बिल्डिंग के लिए अभी तक लागू अधिकम 30 मीटर की ऊंचाई की व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है। हालांकि आईआईटी-जीएसआई से स्वीकृति के बाद ही 30 मीटर से अधिक ऊंची बिल्डिंग को मंजूरी दी जाएगी। मौजूदा समय की बात करें तो 18 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क पर अधिकतम 30 मीटर ऊंचाई तक की ही बिल्डिंग बनाई जा सकती थी। वहीं, पहाड़ी क्षेत्र में अधिकतम 15 मीटर तक ऊंची बिल्डिंग बन सकती है।
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50 वर्ग मीटर पर पास होगी दुकान
एमडीडीए उपाध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अभी तक 125 वर्ग मीटर पर दुकान को पास किया जाता था, जिसे अब 50 वर्ग मीटर कर दिया गया है। इसके चलते अब छोटे साइज के प्लाट में एक दुकान निर्माण की मंजूरी भी मिल सकेगी।
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एक फ्लोर अतिरिक्त भी कर सकेंगे निर्माण
अगर उत्तराखंडी संस्कृति के हिसाब से निर्माण किया जाता है, तो भवन स्वामी एक फ्लोर अतिरिक्त निर्माण कर सकेगा। 1500 वर्ग मीटर से बड़े प्लाट पर यह राहत नहीं मिलेगी।
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होटल निर्माण में पहली बार होगी श्रेणी
होटल निर्माण में अभी तक निर्माण करने की कोई श्रेणी नहीं थी, लेकिन अब होटल निर्माण में पहली बार श्रेणी का प्रयोग होगा। इसके अलावा 9 और 12 मीटर की ऊंचाई में 10 व 11 मीटर की भी श्रेणी होगी।
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50 से 70 मीटर हो सकती है भवन की ऊंचाई
एमडीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि नए बिल्डिंग बायलॉज के तहत अब बिल्डिंग की ऊंचाई 50 से 70 मीटर तक ऊंची हो सकती है। जोन में बनने वाले भवनों का लैंडयूज मिला-जुला होगा। आवासीय, ऑफिस और व्यावसायिक भवनों को इसमें शामिल किया जाएगा।
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फुटहिल में 21 मीटर तक ऊंची बिल्डिंग को मंजूरी
नए बिल्डिंग बायलॉज के तहत पहाड़ और मैदान क्षेत्र की जमीन की श्रेणी की एक नई श्रेणी फुटहिल बनाई गई है। जिसके तहत फुटहिल वर्ग में अधिकतम 21 मीटर ऊंची बिल्डिंग बनाई जा सकेगी। फुटहिल में सड़कों की चौड़ाई मैदान के सापेक्ष 25 प्रतिशत तक कम कर दी गई है।
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भवन निर्माण के मानकों में मिलेगी छूट
बिल्डिंग बायलॉज के नए मानकों में पहाड़ से लेकर मैदान तक में भवन निर्माण के मानकों में काफी छूट दी गई है। अब लोग कम चौड़ी सड़क और छोटे प्लॉट पर भी व्यावसायिक भवनों का निर्माण आसानी से कर सकेंगे।

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अस्पताल के लिए मानक
निर्माण पहले अब
लैबोरेट्री, क्लीनिक 500 300
मैटरनिटी होम, चाइल्ड केयर सेंटर, नर्सिंग होम, डिस्पेंसरी 1000 750
50 बेड हॉस्पिटल 4000 2000
50 से 200 बेड तक के हॉस्पिटल 25000 5000
200 बेड से ऊपर के सिटी, जोनल, रीजनल हॉस्पिटल 40000 8000
(आंकड़े वर्गमीटर के हिसाब से एवं केवल मैदानी क्षेत्र में लागू)

स्कूल और कॉलेज की संख्या बढ़ेगी
निर्माण पहले अब
नर्सरी और क्रैच निर्माण 750 400
प्राइमरी स्कूल 4000 2000
मिडिल स्कूल 8000 4000
हाईस्कूल व इंटर स्कूल 18000/3000 15000
विश्वविद्यालय 100000 75000
(आंकड़े वर्ग मीटर में)
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आचार संहिता लगने के कारण इस व्यवस्था को लागू नहीं किया जा सका था, लेकिन अब इसे चार जून से लागू किया जा रहा है। लोगों के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है, लेकिन अवैध निर्माण पर किसी को कोई राहत नहीं दी जाएगी।
- डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष, मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण
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