{"_id":"5cf189f2bdec2206fc127a92","slug":"15593334089-dehradun-news163","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलविदा जुमे की नमाज अदा कर दिया शांति का पैगाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलविदा जुमे की नमाज अदा कर दिया शांति का पैगाम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। माह-ए-रमजान की अलविदा जुमे पर शहर की विभिन्न मस्जिदों में अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ी। रोजेदारों ने अल्लाह के सजदे में सिर झुकाकर नमाज अदा की और अमन चैन की दुआ मांगी।
माह-ए-रमजान की अलविदा जुमे की तैयारियां को लेकर सुबह से नमाजियों में खासा उत्साह रहा। अधिकतर अकीदतमंद बच्चों को लेकर मस्जिदों में पहुंचे। मस्जिदों में ज्यादा भीड़ होने पर रोजेदारों ने सड़कों और छतों पर सफे बिछाकर अमन चयन की दुआ मांगी। इस दौरान पुलिसकर्मी भी मुस्तैद रहे। पलटन बाजार जामा मस्जिद में शहर काजी मौलाना मोहम्मद अहमद कासमी ने बताया कि रमजान माह के अंतिम जुमे का अपना एक अलग महत्व होता है। सभी जानते हैं कि इबादत कर जो भी दुआ मांगी जाती है वो जरूर पूरी होती है। इस दौरान उन्होंने अकीदतमंदों से गरीबों की हर संभव मदद करने की अपील की। मुस्लिम कॉलोनी पार्क वाली मस्जिद में तकरीर करते हुए शहर मुफ्ती मोहम्मद सलीम अहमद कासमी ने कहा कि रमजान का अंतिम जुमा रोजेदारों के लिए बरकतों का दिन होता है। इसके अलावा ईसी रोड पर काजी अहसान ने रोजेदारों से ईमानदारी से रोजा रख कर अल्लाह की इबादत करने की अपील की। सना मस्जिद आजाद कॉलोनी में मुफ्ती वासिल माजरा में मौलाना शाकिर ने नमाज अदा कराई।
विज्ञापन
देहरादून। माह-ए-रमजान की अलविदा जुमे पर शहर की विभिन्न मस्जिदों में अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ी। रोजेदारों ने अल्लाह के सजदे में सिर झुकाकर नमाज अदा की और अमन चैन की दुआ मांगी।
माह-ए-रमजान की अलविदा जुमे की तैयारियां को लेकर सुबह से नमाजियों में खासा उत्साह रहा। अधिकतर अकीदतमंद बच्चों को लेकर मस्जिदों में पहुंचे। मस्जिदों में ज्यादा भीड़ होने पर रोजेदारों ने सड़कों और छतों पर सफे बिछाकर अमन चयन की दुआ मांगी। इस दौरान पुलिसकर्मी भी मुस्तैद रहे। पलटन बाजार जामा मस्जिद में शहर काजी मौलाना मोहम्मद अहमद कासमी ने बताया कि रमजान माह के अंतिम जुमे का अपना एक अलग महत्व होता है। सभी जानते हैं कि इबादत कर जो भी दुआ मांगी जाती है वो जरूर पूरी होती है। इस दौरान उन्होंने अकीदतमंदों से गरीबों की हर संभव मदद करने की अपील की। मुस्लिम कॉलोनी पार्क वाली मस्जिद में तकरीर करते हुए शहर मुफ्ती मोहम्मद सलीम अहमद कासमी ने कहा कि रमजान का अंतिम जुमा रोजेदारों के लिए बरकतों का दिन होता है। इसके अलावा ईसी रोड पर काजी अहसान ने रोजेदारों से ईमानदारी से रोजा रख कर अल्लाह की इबादत करने की अपील की। सना मस्जिद आजाद कॉलोनी में मुफ्ती वासिल माजरा में मौलाना शाकिर ने नमाज अदा कराई।
विज्ञापन