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बाल विधानसभा में उठा बाल यौन हिंसा का मुद्दा
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, प्लान इंडिया एवं श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम के संयुक्त तत्वावधान में उत्तराखंड बाल विधानसभा का पांचवां सत्र रविवार को किसान भवन में शुरू हुआ। बाल विधानसभा सत्र के पहले दिन बाल विधायकों ने बाल यौन हिंसा, नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर गहरी चिंता जताई और अंकुश लगाने पर जोर दिया। बाल विधानसभा का मुख्य सत्र मंगलवार को होगा।
सत्र के पहले दिन उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने बाल विधायकों को उत्तराखंड विधानसभा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि बाल विधायक अपनी समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करें ताकि समस्याओं का निराकरण किया जा सके। साथ ही उन्होंने कहा कि वे समस्याओं का संज्ञान लेकर स्वयं भी कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगे।
विधानसभा सत्र के पहले दिन बाल मुख्यमंत्री श्रृष्टि ने बीते एक साल के उल्लेखनीय कार्यों व वर्तमान चुनौतियों को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष रखा। सत्र के दौरान बाल विधायकों ने क्षेत्रों में बच्चों एवं लोगों को बाल अधिकार कानून की जानकारी साझा करने की बात बताई। इसके अलावा बाल यौन हिंसा, बालिकाओं की सुरक्षा, बच्चों में तेजी से बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति जैसे मुद्दों पर रोकथाम के प्रयास की जानकारी दी। बाल विधानसभा में उपस्थित राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने कहा कि आयोग बाल अधिकारों के संरक्षण के प्रति बेहद संवेदनशील है। बच्चों से जुड़े मामलों को सीधे आयोग के समक्ष लाया जाए ताकि आयोग समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित कर सके। उन्होंने कहा कि बालिकाओं के साथ होने वाली यौन हिंसा पर सख्ती से कार्य किया जा रहा है।
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बाल विधायकों को दिखायी गई डॉक्यूमेंट्री
सत्र के दौरान पिछली बाल विधानसभा को लेकर तैयार की गई डॉक्यूमेंट्री भी बाल विधायकों को दिखायी गई। इस दौरान उत्तराखंड बाल विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष आदित्य वर्मा एवं नेता प्रतिपक्ष अंशुल ने अपने अनुभव साझा किए गए। साथ ही बाल विधानसभा सत्र को और अधिक प्रभावशाली पर भी चर्चा की गई।
बालिका सुरक्षा मुद्दे पर हुई चर्चा
बाल विधानसभा में बालिका सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा की गई। प्लान इडिंया के कृति व सुधीर राय ने अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय व उत्तराखंड के परिप्रेक्ष्य में बालिका सुरक्षा के तमाम पहलुओं की जानकारी दी। विधानसभा सत्र के दौरान विधायक जीआईजी मैन, बाल विधानसभा अध्यक्ष नमन जोशी, बाल विधानसभा की गृहमंत्री कुमकुम पंत, नेता प्रतिपक्ष आसिफ हसन, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य शारदा त्रिपाठी, प्लान इडिंया के राज्य प्रबंधक सुरेश बलोदी, भुवनेश्वरी महिला आश्रम के परियोजना प्रबंधक गिरीश डिमरी आदि ने संबोधित किया। इस दौरान गोपाल थपलियाल, अरविंद पुरोहित, अंकित काला, दीपक उप्पल, भरत रावत, चंद्रमणी उनियाल, पुष्पा बड़ोनी, श्रद्धा बिजल्वाण, शाकंबरी नौटियाल, रामपाल, पवन राणा, मीना चौहान, रामस्वरूप पालिवाल, मदन पालियाल, मदन कठैत, हेमा, सुमन, निर्मला, परमानंद डबराल एवं राजवीर रावत आदि उपस्थित थे।
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राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, प्लान इंडिया एवं श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम के संयुक्त तत्वावधान में उत्तराखंड बाल विधानसभा का पांचवां सत्र रविवार को किसान भवन में शुरू हुआ। बाल विधानसभा सत्र के पहले दिन बाल विधायकों ने बाल यौन हिंसा, नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर गहरी चिंता जताई और अंकुश लगाने पर जोर दिया। बाल विधानसभा का मुख्य सत्र मंगलवार को होगा।
सत्र के पहले दिन उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने बाल विधायकों को उत्तराखंड विधानसभा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि बाल विधायक अपनी समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करें ताकि समस्याओं का निराकरण किया जा सके। साथ ही उन्होंने कहा कि वे समस्याओं का संज्ञान लेकर स्वयं भी कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगे।
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विधानसभा सत्र के पहले दिन बाल मुख्यमंत्री श्रृष्टि ने बीते एक साल के उल्लेखनीय कार्यों व वर्तमान चुनौतियों को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष रखा। सत्र के दौरान बाल विधायकों ने क्षेत्रों में बच्चों एवं लोगों को बाल अधिकार कानून की जानकारी साझा करने की बात बताई। इसके अलावा बाल यौन हिंसा, बालिकाओं की सुरक्षा, बच्चों में तेजी से बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति जैसे मुद्दों पर रोकथाम के प्रयास की जानकारी दी। बाल विधानसभा में उपस्थित राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने कहा कि आयोग बाल अधिकारों के संरक्षण के प्रति बेहद संवेदनशील है। बच्चों से जुड़े मामलों को सीधे आयोग के समक्ष लाया जाए ताकि आयोग समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित कर सके। उन्होंने कहा कि बालिकाओं के साथ होने वाली यौन हिंसा पर सख्ती से कार्य किया जा रहा है।
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बाल विधायकों को दिखायी गई डॉक्यूमेंट्री
सत्र के दौरान पिछली बाल विधानसभा को लेकर तैयार की गई डॉक्यूमेंट्री भी बाल विधायकों को दिखायी गई। इस दौरान उत्तराखंड बाल विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष आदित्य वर्मा एवं नेता प्रतिपक्ष अंशुल ने अपने अनुभव साझा किए गए। साथ ही बाल विधानसभा सत्र को और अधिक प्रभावशाली पर भी चर्चा की गई।
बालिका सुरक्षा मुद्दे पर हुई चर्चा
बाल विधानसभा में बालिका सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा की गई। प्लान इडिंया के कृति व सुधीर राय ने अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय व उत्तराखंड के परिप्रेक्ष्य में बालिका सुरक्षा के तमाम पहलुओं की जानकारी दी। विधानसभा सत्र के दौरान विधायक जीआईजी मैन, बाल विधानसभा अध्यक्ष नमन जोशी, बाल विधानसभा की गृहमंत्री कुमकुम पंत, नेता प्रतिपक्ष आसिफ हसन, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य शारदा त्रिपाठी, प्लान इडिंया के राज्य प्रबंधक सुरेश बलोदी, भुवनेश्वरी महिला आश्रम के परियोजना प्रबंधक गिरीश डिमरी आदि ने संबोधित किया। इस दौरान गोपाल थपलियाल, अरविंद पुरोहित, अंकित काला, दीपक उप्पल, भरत रावत, चंद्रमणी उनियाल, पुष्पा बड़ोनी, श्रद्धा बिजल्वाण, शाकंबरी नौटियाल, रामपाल, पवन राणा, मीना चौहान, रामस्वरूप पालिवाल, मदन पालियाल, मदन कठैत, हेमा, सुमन, निर्मला, परमानंद डबराल एवं राजवीर रावत आदि उपस्थित थे।