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30 बस अड्डों को पीपीपी मोड में देने की तैयारी
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30 बस अड्डों को पीपीपी मोड में देने की तैयारी
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। लोकसभा चुनाव आचार संहिता लागू होने के चलते फिलहाल राज्य के 30 बस अड्डों को पीपीपी मोड से अत्याधुनिक बनाने के साथ ही व्यावसायिक केंद्रों के तौर पर विकसित करने की योजना फिलहाल लटकी हुई है। आचार संहिता लागू होने की वजह से ब्रिडकुल निर्माण कार्यों को लेकर कंपनी का अभी तक चयन नहीं कर पाया है। ब्रिडकुल अधिकारियोें का कहना है कि उन बस अड्डों का चयन कर लिया गया है। जल्द ही कंपनियों को टेंडर जारी किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि देहरादून, हल्द्वानी, ऋषिकेश, नैनीताल समेत राज्य के 30 बस अड्डों को पीपीपी मोड के तहत अत्याधुनिक बनाया जाना है। बस अड्डों को अत्याधुनिक बनाने के साथ ही यहां व्यावसायिक गतिविधियों के तहत शापिंग कांप्लेक्स के साथ ही होटलों व रेस्टोरेंट का निर्माण किया जाना है। परिवहन निगम की ओर से उन 30 बस अड्डों को भी चिन्हित किया जा चुका है जिनका कायाकल्प किया जाना है। परिवहन निगम की ओर से अनुमति मिलने के साथ ही ब्रिडकुल को इसके निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। ब्रिडकुल की ओर से इस संबंध में टेंडर भी जारी कर दिए गए, लेकिन इसी बीच आचार संहिता लागू होने की वजह से सारी प्रक्रिया रुक गई। इस संबंध में ब्रिडकुल के प्रबंध निदेशक मनोज सेमवाल का कहना है कि आचार संहिता लागू होने की वजह से निर्माण कार्य में देरी हुई। अब जबकि आचार संहिता समाप्त होने वाली है तो निर्माण कार्यों को लेकर प्रक्रिया नए सिरे से शुरू की जाएगी और जल्द ही कंपनियों का चयन कर टेंडर जारी किए जाएंगे।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। लोकसभा चुनाव आचार संहिता लागू होने के चलते फिलहाल राज्य के 30 बस अड्डों को पीपीपी मोड से अत्याधुनिक बनाने के साथ ही व्यावसायिक केंद्रों के तौर पर विकसित करने की योजना फिलहाल लटकी हुई है। आचार संहिता लागू होने की वजह से ब्रिडकुल निर्माण कार्यों को लेकर कंपनी का अभी तक चयन नहीं कर पाया है। ब्रिडकुल अधिकारियोें का कहना है कि उन बस अड्डों का चयन कर लिया गया है। जल्द ही कंपनियों को टेंडर जारी किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि देहरादून, हल्द्वानी, ऋषिकेश, नैनीताल समेत राज्य के 30 बस अड्डों को पीपीपी मोड के तहत अत्याधुनिक बनाया जाना है। बस अड्डों को अत्याधुनिक बनाने के साथ ही यहां व्यावसायिक गतिविधियों के तहत शापिंग कांप्लेक्स के साथ ही होटलों व रेस्टोरेंट का निर्माण किया जाना है। परिवहन निगम की ओर से उन 30 बस अड्डों को भी चिन्हित किया जा चुका है जिनका कायाकल्प किया जाना है। परिवहन निगम की ओर से अनुमति मिलने के साथ ही ब्रिडकुल को इसके निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। ब्रिडकुल की ओर से इस संबंध में टेंडर भी जारी कर दिए गए, लेकिन इसी बीच आचार संहिता लागू होने की वजह से सारी प्रक्रिया रुक गई। इस संबंध में ब्रिडकुल के प्रबंध निदेशक मनोज सेमवाल का कहना है कि आचार संहिता लागू होने की वजह से निर्माण कार्य में देरी हुई। अब जबकि आचार संहिता समाप्त होने वाली है तो निर्माण कार्यों को लेकर प्रक्रिया नए सिरे से शुरू की जाएगी और जल्द ही कंपनियों का चयन कर टेंडर जारी किए जाएंगे।
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