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सीआरपी-बीआरपी को आयोग से भी राहत नहीं
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
सीआरपी-बीआरपी को कार्यमुक्त करने के मामले में निर्वाचन आयोग से भी राहत नहीं मिल पाई है। निर्वाचन आयोग ने उनकी अपील सुनने से इनकार कर दिया है।
बता दें, कुछ समय पूर्व शिक्षा विभाग ने सीआरपी-बीआरपी समन्वयकों को उनके मूल पदों पर भेजने के लिए कार्यमुक्त कर दिया था। शिक्षा विभाग के अनुसार हाईकोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की गई। इसमें से कुछ सीआरपी व बीआरपी ऐसे थे, जिनकी मतगणना में सहायक के तौर पर ड्यूटी लगाई गई थी। ऐसे में बिना निर्वाचन आयोग की अनुमति के उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया जाना चाहिए था। शुक्रवार को उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के नाम पत्र भेजकर आचार संहिता के दौरान कार्यमुक्त किए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। वहीं, मुख्य निवार्चन अधिकारी सौजन्या ने उनके मामले में सुनवाई से इनकार किया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन की पूरी प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है। शिक्षा विभाग के अनुसार पूरी कार्रवाई हाईकोर्ट के निर्देश पर की गई है। ऐसे में उस पर आयोग कोई फैसला नहीं लेगा।
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सीआरपी-बीआरपी को कार्यमुक्त करने के मामले में निर्वाचन आयोग से भी राहत नहीं मिल पाई है। निर्वाचन आयोग ने उनकी अपील सुनने से इनकार कर दिया है।
बता दें, कुछ समय पूर्व शिक्षा विभाग ने सीआरपी-बीआरपी समन्वयकों को उनके मूल पदों पर भेजने के लिए कार्यमुक्त कर दिया था। शिक्षा विभाग के अनुसार हाईकोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की गई। इसमें से कुछ सीआरपी व बीआरपी ऐसे थे, जिनकी मतगणना में सहायक के तौर पर ड्यूटी लगाई गई थी। ऐसे में बिना निर्वाचन आयोग की अनुमति के उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया जाना चाहिए था। शुक्रवार को उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के नाम पत्र भेजकर आचार संहिता के दौरान कार्यमुक्त किए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। वहीं, मुख्य निवार्चन अधिकारी सौजन्या ने उनके मामले में सुनवाई से इनकार किया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन की पूरी प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है। शिक्षा विभाग के अनुसार पूरी कार्रवाई हाईकोर्ट के निर्देश पर की गई है। ऐसे में उस पर आयोग कोई फैसला नहीं लेगा।