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छात्रों को बताए सफलता के मंत्र
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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर
साहिया। सरदार महिपाल राजेंद्र डिग्री कालेज साहिया और राजकीय इंटर कॉलेज दसऊ में भारतीय तटरक्षक बल के अपर महानिदेशक केआर नौटियाल ने छात्र-छात्राओं को बताया कि कठिन परिश्रम वह चाबी है, जो किस्मत का दरवाजा खोल देती है। सच्चे लगन, धैर्य और मेहनत के बल पर ही सफलता संभव है। हालांकि, इसके लिए जरूरी है कि हम पहले अपने लक्ष्यों का चयन करें और फिर लक्ष्यों को हासिल करने के लिए इमानदार प्रयास करें।
बुधवार को उन्होंने कॉलेज के छात्र-छात्राओं को बताया कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में सफलता की राह आसान नहीं है। प्रतिवर्ष लाखों छात्र-छात्राएं प्रतियोगती परीक्षाओं में भाग लेते हैं। लिहाजा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए इसकी प्रकृति को समझकर सटीक रणनीति बनाने की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे दोस्त अथवा पड़ोसी से संबंधित जानकारी लेनी चाहिए। इस दौरान आने वाले आर्थिक, मानसिक व सामाजिक कठिनाइयों का सही आकलन भी जरूरी है। कोस्ट गार्ड के अपर महानिदेशक से बातचीत के दौरान छात्र-छात्राओं ने भी खुलकर करियर संबंधी जानकारी ली।
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साहिया। सरदार महिपाल राजेंद्र डिग्री कालेज साहिया और राजकीय इंटर कॉलेज दसऊ में भारतीय तटरक्षक बल के अपर महानिदेशक केआर नौटियाल ने छात्र-छात्राओं को बताया कि कठिन परिश्रम वह चाबी है, जो किस्मत का दरवाजा खोल देती है। सच्चे लगन, धैर्य और मेहनत के बल पर ही सफलता संभव है। हालांकि, इसके लिए जरूरी है कि हम पहले अपने लक्ष्यों का चयन करें और फिर लक्ष्यों को हासिल करने के लिए इमानदार प्रयास करें।
बुधवार को उन्होंने कॉलेज के छात्र-छात्राओं को बताया कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में सफलता की राह आसान नहीं है। प्रतिवर्ष लाखों छात्र-छात्राएं प्रतियोगती परीक्षाओं में भाग लेते हैं। लिहाजा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए इसकी प्रकृति को समझकर सटीक रणनीति बनाने की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे दोस्त अथवा पड़ोसी से संबंधित जानकारी लेनी चाहिए। इस दौरान आने वाले आर्थिक, मानसिक व सामाजिक कठिनाइयों का सही आकलन भी जरूरी है। कोस्ट गार्ड के अपर महानिदेशक से बातचीत के दौरान छात्र-छात्राओं ने भी खुलकर करियर संबंधी जानकारी ली।
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