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मुख्यमंत्री से की मार्ग सुधारीकरण की मांग
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
चकराता। लाखामंडल क्षेत्र के सेरा-नाड़ा संपर्क मार्ग का चौड़ीकरण और सुधारीकरण नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग और वन विभाग के दफ्तरों के चक्कर काट कर परेशान हो चुके ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मार्ग के सुधारीकरण की मांग की है।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भेजे ज्ञापन में बताया कि ब्लॉक के दुर्गम क्षेत्र नाड़ा, गड़सार, खेसाना, दतरोटा, लावड़ी, खेरवा, सांखाल आदि गांवों को जोड़ने के लिए एक दशक पूर्व इस मार्ग का निर्माण किया गया था। जंगलात की जमीन में बने मार्ग के रखरखाव का जिम्मा भी वन विभाग के पास है। निर्माण काल के बाद से ही मार्ग पर सुधारीकरण और चौड़ीकरण का कार्य नहीं हुआ है। ग्रामीण संकरे और जर्जर मार्ग से सफर करने को मजबूर हैं। बताया कि वन विभाग से कई बार मार्ग लोनिवि को हस्तांतरित करने की मांग की जा चुकी है। तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने भी मार्ग के सुधारीकरण की घोषणा की थी, लेकिन इस पर अमल नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मार्ग हस्तांतरण और सुधारीकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन पर खजान सिंह, सुनीता राणा, पूरण सिंह, दौलत सिंह, चमन सिंह, गीताराम, सुनील, देवी सिंह, राम सिंह, सब्बल सिंह, खुशीराम, पूरण दत्त, बलवीर सिंह, चंद्र सिंह, भाव सिंह, भवानी सिंह, दयाराम, रघुवीर सिंह, चंदन सिंह, सरदार, महिपाल आदि के हस्ताक्षर हैं। उधर, एसडीएम डॉ. अपूर्वा सिंह ने बताया कि मार्ग हस्तांतरण के लिए वन विभाग और लोनिवि के बीच समन्वय बनाने के लिए संयुक्त बैठक की जाएगी।
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चकराता। लाखामंडल क्षेत्र के सेरा-नाड़ा संपर्क मार्ग का चौड़ीकरण और सुधारीकरण नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग और वन विभाग के दफ्तरों के चक्कर काट कर परेशान हो चुके ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मार्ग के सुधारीकरण की मांग की है।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भेजे ज्ञापन में बताया कि ब्लॉक के दुर्गम क्षेत्र नाड़ा, गड़सार, खेसाना, दतरोटा, लावड़ी, खेरवा, सांखाल आदि गांवों को जोड़ने के लिए एक दशक पूर्व इस मार्ग का निर्माण किया गया था। जंगलात की जमीन में बने मार्ग के रखरखाव का जिम्मा भी वन विभाग के पास है। निर्माण काल के बाद से ही मार्ग पर सुधारीकरण और चौड़ीकरण का कार्य नहीं हुआ है। ग्रामीण संकरे और जर्जर मार्ग से सफर करने को मजबूर हैं। बताया कि वन विभाग से कई बार मार्ग लोनिवि को हस्तांतरित करने की मांग की जा चुकी है। तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने भी मार्ग के सुधारीकरण की घोषणा की थी, लेकिन इस पर अमल नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मार्ग हस्तांतरण और सुधारीकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
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ज्ञापन पर खजान सिंह, सुनीता राणा, पूरण सिंह, दौलत सिंह, चमन सिंह, गीताराम, सुनील, देवी सिंह, राम सिंह, सब्बल सिंह, खुशीराम, पूरण दत्त, बलवीर सिंह, चंद्र सिंह, भाव सिंह, भवानी सिंह, दयाराम, रघुवीर सिंह, चंदन सिंह, सरदार, महिपाल आदि के हस्ताक्षर हैं। उधर, एसडीएम डॉ. अपूर्वा सिंह ने बताया कि मार्ग हस्तांतरण के लिए वन विभाग और लोनिवि के बीच समन्वय बनाने के लिए संयुक्त बैठक की जाएगी।
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