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छठ पूजा पर गंगबहा बावड़ी में उमड़ा आस्था का सैलाब
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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
चैती छठ पूजा पर शुक्रवार को गंगबहा बावड़ी में आस्था का सैलाब उमड़ा। महिला श्रद्धालुओं ने बृहस्पतिवार को डूबते सूरज को अर्घ्य देने के बाद शुक्रवार सुबह उगते सूरज को अर्घ्य चढ़ाकर व्रत तोड़ा।
विकासनगर निवासी वीरेंद्र गुप्ता एवं दिनकर विहार निवासी कृष्णा शर्मा ने बताया कि मन्नतें पूरी करने के लिए चैती छठ पूजा की जाती है। गंगबहा बावड़ी में शुक्रवार सुबह चार बजे से श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। हरबर्टपुर, विकासनगर, दिनकर विहार, जीवनगढ़, डाकपत्थर, हरिपुर एवं कालसी से पहुंचीं महिलाओं ने पूजा अर्चना के बाद उगते सूरज को अर्घ्य दिया। समाज से जुड़े लोगों ने बताया कि चैती छठ पूजा चार दिनों तक चलती है। पूजा में सीजन के सभी फलों का भोग लगाया जाता है। मूल रूप से बिहार एवं हाल दिनकर विहार निवासी प्रदीप गुप्ता एवं मनोज शर्मा बताते हैं कि चैती छठ के दौरान महिलाएं 72 घंटे का व्रत रखती हैं और उगते सूरज को अर्घ्य देने के बाद गंगबहा बावड़ी में पूजा अर्चना करती हैं।
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चैती छठ पूजा पर शुक्रवार को गंगबहा बावड़ी में आस्था का सैलाब उमड़ा। महिला श्रद्धालुओं ने बृहस्पतिवार को डूबते सूरज को अर्घ्य देने के बाद शुक्रवार सुबह उगते सूरज को अर्घ्य चढ़ाकर व्रत तोड़ा।
विकासनगर निवासी वीरेंद्र गुप्ता एवं दिनकर विहार निवासी कृष्णा शर्मा ने बताया कि मन्नतें पूरी करने के लिए चैती छठ पूजा की जाती है। गंगबहा बावड़ी में शुक्रवार सुबह चार बजे से श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। हरबर्टपुर, विकासनगर, दिनकर विहार, जीवनगढ़, डाकपत्थर, हरिपुर एवं कालसी से पहुंचीं महिलाओं ने पूजा अर्चना के बाद उगते सूरज को अर्घ्य दिया। समाज से जुड़े लोगों ने बताया कि चैती छठ पूजा चार दिनों तक चलती है। पूजा में सीजन के सभी फलों का भोग लगाया जाता है। मूल रूप से बिहार एवं हाल दिनकर विहार निवासी प्रदीप गुप्ता एवं मनोज शर्मा बताते हैं कि चैती छठ के दौरान महिलाएं 72 घंटे का व्रत रखती हैं और उगते सूरज को अर्घ्य देने के बाद गंगबहा बावड़ी में पूजा अर्चना करती हैं।
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