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दुर्घटनाओं को न्यौता दे रहा क्षतिग्रस्त बैराज
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
राष्ट्रीय महत्व का डाकपत्थर बैराज का एक हिस्सा लंबे समय से क्षतिग्रस्त होने के कारण दुर्घटनाओं को न्यौता दे रहा है। तीन माह पहले बजरी से भरे वाहन ने बैराज की सुरक्षा दीवार को तोड़ दिया था, जिसके बाद से उसकी मरम्मत नहीं की गई है।
डाकपत्थर बैराज उत्तराखंड को हिमाचल प्रदेश से जोड़ने के साथ ही राष्ट्रीय महत्व की छिबरो और खोदरी जल विद्युत परियोजनाओं को जाने वाला एक मात्र माध्यम है। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के लोग इसी बैराज से विकासनगर बाजार और कृषि उत्पादन मंडी तक आते हैं। बैराज से भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रशासन की ओर से प्रतिबंध लगाया हुआ है। बावजूद इसके खनन सामग्री ले जाने वाले भारी वाहनों की आवाजाही इसी बैराज से होती है। इससे बैराज के एक हिस्से की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो चुकी है। सुरक्षा दीवार के क्षतिग्रस्त होने से सबसे अधिक खतरा पर्यटकों और सुबह शाम घूमने आने वाले लोगों को है। बैराज से ही लोग डाकपत्थर झील का दीदार करते हैं।
उधर, अधिशासी अभियंता डाकपत्थर बैराज अरविंद चौरसिया ने बताया कि शीघ्र ही बैराज के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत करा दी जाएगी।
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राष्ट्रीय महत्व का डाकपत्थर बैराज का एक हिस्सा लंबे समय से क्षतिग्रस्त होने के कारण दुर्घटनाओं को न्यौता दे रहा है। तीन माह पहले बजरी से भरे वाहन ने बैराज की सुरक्षा दीवार को तोड़ दिया था, जिसके बाद से उसकी मरम्मत नहीं की गई है।
डाकपत्थर बैराज उत्तराखंड को हिमाचल प्रदेश से जोड़ने के साथ ही राष्ट्रीय महत्व की छिबरो और खोदरी जल विद्युत परियोजनाओं को जाने वाला एक मात्र माध्यम है। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के लोग इसी बैराज से विकासनगर बाजार और कृषि उत्पादन मंडी तक आते हैं। बैराज से भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रशासन की ओर से प्रतिबंध लगाया हुआ है। बावजूद इसके खनन सामग्री ले जाने वाले भारी वाहनों की आवाजाही इसी बैराज से होती है। इससे बैराज के एक हिस्से की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो चुकी है। सुरक्षा दीवार के क्षतिग्रस्त होने से सबसे अधिक खतरा पर्यटकों और सुबह शाम घूमने आने वाले लोगों को है। बैराज से ही लोग डाकपत्थर झील का दीदार करते हैं।
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उधर, अधिशासी अभियंता डाकपत्थर बैराज अरविंद चौरसिया ने बताया कि शीघ्र ही बैराज के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत करा दी जाएगी।