{"_id":"5c9d2bd0bdec2214130e692c","slug":"15538043231-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूल की मनमानी पर भड़के अभिभावक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूल की मनमानी पर भड़के अभिभावक
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
पछवादून के एक निजी स्कूल पर ड्रेस और किताबों की खरीद में मनमानी का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को अभिभावकों और सभासदों ने एसडीएम से शिकायत की। अभिभावकों का आरोप है कि उन्हें किसी खास दुकान से किताबें और ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है।
नगर पालिका हरबर्टपुर के सभासदों और अभिभावकों ने एसडीएम से मिलकर हरबर्टपुर स्थित द सेपियंस स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि स्कूल परिसर में किताबें बेची जा रहीं हैं। वहीं, किताबों और ड्रेस के लिए अभिभावकों को किसी खास दुकानों से खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है। जबकि, शिक्षा विभाग की ओर से इस तरह से अभिभावकों को बाध्य किए जाने पर रोक लगाई हुई है। आरोप लगाया कि जो अभिभावक अपने बच्चों का स्कूल की विकासनगर शाखा से हरबर्टपुर शाखा में स्थानांतरण कराना चाहते हैं, उनसे फिर से प्रवेश शुल्क लिया जा रहा है।
एसडीएम से मिलने वालों में नगर पालिका हरबर्टपुर के सभासद मेघश्याम शर्मा, सभासद नीरज थापा, सभासद अखिल गोयल, सभासद ऊषा भट्ट, जिला सहकारी विकास परिषद के अध्यक्ष सौरभ गुप्ता, सबीर कुमार, राकेश अमोली, जितेंद्र कुमार, दिलीप सिंह आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
स्कूल ड्रेस और किताबों की ब्रिकी को लेकर स्कूलों की मनमानी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले में खंड शिक्षा अधिकारी को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। - कौस्तुभ मिश्र, एसडीएम विकासनगर
विभाग के स्पष्ट निर्देश हैं कि कोई भी स्कूल अभिभावकों को किताबें एवं स्कूल ड्रेस किसी खास दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। इस मसले पर स्कूल को लिखा जाएगा। - बीपी सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी विकासनगर
अभिभावकों की ओर से स्कूल पर जो आरोप लगाए गए हैं, वे सही नहीं हैं। स्कूल परिसर में कोई किताबें नहीं बेची जा रहीं हैं, न ही स्कूल ड्रेस किसी खास दुकान से खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है। प्रकरण स्कूल से बच्चों के स्थानांतरण से जुड़ा है। इस पर अभिभावकों से बात की जा रही है। - रविकांत सपरा, प्रबंधक द सेपियंस स्कूल
विज्ञापन
पछवादून के एक निजी स्कूल पर ड्रेस और किताबों की खरीद में मनमानी का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को अभिभावकों और सभासदों ने एसडीएम से शिकायत की। अभिभावकों का आरोप है कि उन्हें किसी खास दुकान से किताबें और ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है।
नगर पालिका हरबर्टपुर के सभासदों और अभिभावकों ने एसडीएम से मिलकर हरबर्टपुर स्थित द सेपियंस स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि स्कूल परिसर में किताबें बेची जा रहीं हैं। वहीं, किताबों और ड्रेस के लिए अभिभावकों को किसी खास दुकानों से खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है। जबकि, शिक्षा विभाग की ओर से इस तरह से अभिभावकों को बाध्य किए जाने पर रोक लगाई हुई है। आरोप लगाया कि जो अभिभावक अपने बच्चों का स्कूल की विकासनगर शाखा से हरबर्टपुर शाखा में स्थानांतरण कराना चाहते हैं, उनसे फिर से प्रवेश शुल्क लिया जा रहा है।
विज्ञापन
एसडीएम से मिलने वालों में नगर पालिका हरबर्टपुर के सभासद मेघश्याम शर्मा, सभासद नीरज थापा, सभासद अखिल गोयल, सभासद ऊषा भट्ट, जिला सहकारी विकास परिषद के अध्यक्ष सौरभ गुप्ता, सबीर कुमार, राकेश अमोली, जितेंद्र कुमार, दिलीप सिंह आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
स्कूल ड्रेस और किताबों की ब्रिकी को लेकर स्कूलों की मनमानी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले में खंड शिक्षा अधिकारी को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। - कौस्तुभ मिश्र, एसडीएम विकासनगर
विभाग के स्पष्ट निर्देश हैं कि कोई भी स्कूल अभिभावकों को किताबें एवं स्कूल ड्रेस किसी खास दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। इस मसले पर स्कूल को लिखा जाएगा। - बीपी सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी विकासनगर
अभिभावकों की ओर से स्कूल पर जो आरोप लगाए गए हैं, वे सही नहीं हैं। स्कूल परिसर में कोई किताबें नहीं बेची जा रहीं हैं, न ही स्कूल ड्रेस किसी खास दुकान से खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है। प्रकरण स्कूल से बच्चों के स्थानांतरण से जुड़ा है। इस पर अभिभावकों से बात की जा रही है। - रविकांत सपरा, प्रबंधक द सेपियंस स्कूल