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मोरी चुनाव मामले में जांच के आदेश
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
क्षेत्र पंचायत सदस्य मोरी जनपद उत्तरकाशी सुमन आर्य के खिलाफ मतदाता सूची में नाम दर्ज हुए बगैर चुनाव लड़ने की शिकायत पर राज्य निर्वाचन आयोग ने जिलाधिकारी उत्तरकाशी को जांच के आदेश दिए हैं।
आयोग के सचिव रोशन लाल की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्रकरण की जांच कराकर तथ्यात्मक जांच रिपोर्ट आयोग को अविलंब उपलब्ध कराएं। राज्य निर्वाचन आयोग ने लक्ष्मणपुर विकासनगर निवासी भाष्कर चुग, अरविंद शर्मा और आशीष कुमार पिपानिया के छह दिसंबर वर्ष 2018 के शिकायती पत्र का हवाला दिया गया है। पत्र में कहा गया है कि त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन 2014 के चुनाव के दौरान सुमन का नाम मतदाता सूची में नहीं था, इसके बावजूद उन्होंने क्षेत्र पंचायत का चुनाव लड़ा। मतदाता सूची में नाम नहीं होने के बावजूद उन्हें निर्वाचित भी घोषित कर दिया गया। आयोग की ओर से 15 मार्च 2019 को डीएम उत्तरकाशी को दिए आदेश में कहा गया है कि प्रकरण की नियमानुसार जांच कराई जाए।
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जिसका नाम मतदाता सूची में होता है वही चुनाव लड़ता है। चुनाव में आरओ और एआरओ होते हैं, जो इसकी जांच करते हैं। पंचायत चुनाव 2014 में हुए थे उस दौरान मेरी पत्नी का नाम वोटर लिस्ट में था, लेकिन जो वोटर लिस्ट दिखाकर यह कहा जा रहा है कि उनका नाम मतदाता सूची में नहीं था, वह लिस्ट विधानसभा चुनाव की है। मेरी पत्नी पर लगाए जा रहे सभी आरोप गलत हैं।
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- बीएल आर्य, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका विकासनगर
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क्षेत्र पंचायत सदस्य मोरी जनपद उत्तरकाशी सुमन आर्य के खिलाफ मतदाता सूची में नाम दर्ज हुए बगैर चुनाव लड़ने की शिकायत पर राज्य निर्वाचन आयोग ने जिलाधिकारी उत्तरकाशी को जांच के आदेश दिए हैं।
आयोग के सचिव रोशन लाल की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्रकरण की जांच कराकर तथ्यात्मक जांच रिपोर्ट आयोग को अविलंब उपलब्ध कराएं। राज्य निर्वाचन आयोग ने लक्ष्मणपुर विकासनगर निवासी भाष्कर चुग, अरविंद शर्मा और आशीष कुमार पिपानिया के छह दिसंबर वर्ष 2018 के शिकायती पत्र का हवाला दिया गया है। पत्र में कहा गया है कि त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन 2014 के चुनाव के दौरान सुमन का नाम मतदाता सूची में नहीं था, इसके बावजूद उन्होंने क्षेत्र पंचायत का चुनाव लड़ा। मतदाता सूची में नाम नहीं होने के बावजूद उन्हें निर्वाचित भी घोषित कर दिया गया। आयोग की ओर से 15 मार्च 2019 को डीएम उत्तरकाशी को दिए आदेश में कहा गया है कि प्रकरण की नियमानुसार जांच कराई जाए।
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जिसका नाम मतदाता सूची में होता है वही चुनाव लड़ता है। चुनाव में आरओ और एआरओ होते हैं, जो इसकी जांच करते हैं। पंचायत चुनाव 2014 में हुए थे उस दौरान मेरी पत्नी का नाम वोटर लिस्ट में था, लेकिन जो वोटर लिस्ट दिखाकर यह कहा जा रहा है कि उनका नाम मतदाता सूची में नहीं था, वह लिस्ट विधानसभा चुनाव की है। मेरी पत्नी पर लगाए जा रहे सभी आरोप गलत हैं।
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- बीएल आर्य, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका विकासनगर