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शिक्षा में नई तकनीक का उपयोग करें शिक्षक
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
समग्र शिक्षा अभियान के तहत ब्लॉक संसाधन केंद्र में चल रहे प्राथमिक शिक्षकों के दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का समापन शनिवार को हुआ। शिविर में प्रशिक्षकों ने शिक्षकों को शिक्षा में नई तकनीक का उपयोग करने की सलाह दी। तीन चरणों में चले प्रशिक्षण में ब्लॉक के 411 शिक्षकों ने प्रशिक्षण लिया।
प्रशिक्षण के तीनों चरणों में शिक्षकों को पाठ्यक्रमों के अलग-अलग पहलुओं की जानकारी दी गई। अंतिम दिन प्रशिक्षण के कोर्डिनेटर प्रकाश चौहान ने शिक्षकों से नौनिहालों को नई तकनीक के आधार पर फिल्मों और प्रोजेक्टर के माध्यम से शिक्षा मुहैया कराने की सलाह दी। उप शिक्षाधिकारी हिमांशु कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पाठ्यक्रम को बोधगम्य बनाने के लिए प्रोजेक्टर के माध्यम से विषयवस्तु के तकनीकी पक्ष को छात्रों के सामने रखा जाना चाहिए। खासकर विज्ञान व गणित विषय के शिक्षण में पाठ्यक्रम की बारीकियों को छात्रों तक सहज व सरल रूप में पहुंचाने के लिए प्रोजेक्टर से विभिन्न गतिविधियों को दिखाया जाना चाहिए। प्रशिक्षक डॉ. रत्ना मिश्रा ने शिक्षकों को विद्यालयों में अंग्रेजी भाषा के ज्ञान के लिए प्रोजेक्टर पर शब्दों का उच्चारण सुनाने व छात्रों से दोहराव कराने की विधि बताई। खंड शिक्षाधिकारी वीपी सिंह ने कहा कि सरकारी स्कूल के छात्र-छात्राओं को निजी स्कूलों के समकक्ष लाने के लिए शिक्षा व्यवस्था में नई तकनीक के साथ ही अभिनव प्रयोग किए जाने जरूरी हैं। उन्होंने प्रत्येक शिक्षक को कंप्यूटर व प्रोजेक्टर संचालन की विधियां सीखने की नसीहत दी। इस दौरान नोडल अधिकारी आरसी कांडपाल, अमन उपाध्याय, देवेंद्र दत्त, सतीश चंद्र, निर्मला देवी, सुरेखा वर्मा, बबीता सेमवाल, अंजू जौहरी, हिना चंचल, मो. यासीन, कुलदीप कुमार आदि मौजूद रहे।
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समग्र शिक्षा अभियान के तहत ब्लॉक संसाधन केंद्र में चल रहे प्राथमिक शिक्षकों के दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का समापन शनिवार को हुआ। शिविर में प्रशिक्षकों ने शिक्षकों को शिक्षा में नई तकनीक का उपयोग करने की सलाह दी। तीन चरणों में चले प्रशिक्षण में ब्लॉक के 411 शिक्षकों ने प्रशिक्षण लिया।
प्रशिक्षण के तीनों चरणों में शिक्षकों को पाठ्यक्रमों के अलग-अलग पहलुओं की जानकारी दी गई। अंतिम दिन प्रशिक्षण के कोर्डिनेटर प्रकाश चौहान ने शिक्षकों से नौनिहालों को नई तकनीक के आधार पर फिल्मों और प्रोजेक्टर के माध्यम से शिक्षा मुहैया कराने की सलाह दी। उप शिक्षाधिकारी हिमांशु कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पाठ्यक्रम को बोधगम्य बनाने के लिए प्रोजेक्टर के माध्यम से विषयवस्तु के तकनीकी पक्ष को छात्रों के सामने रखा जाना चाहिए। खासकर विज्ञान व गणित विषय के शिक्षण में पाठ्यक्रम की बारीकियों को छात्रों तक सहज व सरल रूप में पहुंचाने के लिए प्रोजेक्टर से विभिन्न गतिविधियों को दिखाया जाना चाहिए। प्रशिक्षक डॉ. रत्ना मिश्रा ने शिक्षकों को विद्यालयों में अंग्रेजी भाषा के ज्ञान के लिए प्रोजेक्टर पर शब्दों का उच्चारण सुनाने व छात्रों से दोहराव कराने की विधि बताई। खंड शिक्षाधिकारी वीपी सिंह ने कहा कि सरकारी स्कूल के छात्र-छात्राओं को निजी स्कूलों के समकक्ष लाने के लिए शिक्षा व्यवस्था में नई तकनीक के साथ ही अभिनव प्रयोग किए जाने जरूरी हैं। उन्होंने प्रत्येक शिक्षक को कंप्यूटर व प्रोजेक्टर संचालन की विधियां सीखने की नसीहत दी। इस दौरान नोडल अधिकारी आरसी कांडपाल, अमन उपाध्याय, देवेंद्र दत्त, सतीश चंद्र, निर्मला देवी, सुरेखा वर्मा, बबीता सेमवाल, अंजू जौहरी, हिना चंचल, मो. यासीन, कुलदीप कुमार आदि मौजूद रहे।
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