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यमुना जल बिरादरी कल निकालेगा रेत मुक्ति मार्च
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
पछवादूून की नदियों में लंबे समय से हो रहे अवैध खनन के खिलाफ यमुना जल बिरादरी बुधवार को रेत मुक्ति मार्च निकालेगा। महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर डांडी मार्च की तर्ज पर विकासनगर के पहाड़ी गली चौक से नावघाट में यमुना नदी तट तक मार्च निकाला जाएगा।
सोमवार को कोतवाली रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में आयोजित प्रेसवार्ता में यमुना जल बिरादरी के संयोजक हर्षुल शर्मा एवं राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व सदस्य संजय जैन ने बताया कि नदियों को बचाने के लिए रेत मुक्ति आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि यमुना, आसन, शीतला, स्वारना, रवासन नदियों से पछवादून के लोगों का जीवन जुड़ा हुुआ है। इन्हीं नदियों के पानी से यहां खेती बाड़ी होती है। कहा कि राज्य में अब तक वन अधिकार अधिनियम लागू नहीं किया गया है। इससे लोगों के साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है। उन्होंने नदियों में खनन पट्टे सर्वे के आधार पर आवंटित करने के साथ ही प्रतिबंधित क्षेत्र में भी वैज्ञानिक विधि से तलछट की सफाई करने की मांग की। साथ ही सरकार से स्थानीय लोगों को रियायती दरों पर उप खनिज चुगान की अनुमति देने, नदी-नालों के दोहन से मिलने वाली रॉयल्टी को विकास कार्यों में लगाने और बरसात में खेतों में बाढ़ के साथ आए उप खनिज के चुगान की अनुमति किसानों को देने की भी मांग की। प्रेसवार्ता में अरविंद शर्मा, यश शर्मा, समीर अंसारी, अभिषेक चौहान आदि मौजूद रहे।
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पछवादूून की नदियों में लंबे समय से हो रहे अवैध खनन के खिलाफ यमुना जल बिरादरी बुधवार को रेत मुक्ति मार्च निकालेगा। महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर डांडी मार्च की तर्ज पर विकासनगर के पहाड़ी गली चौक से नावघाट में यमुना नदी तट तक मार्च निकाला जाएगा।
सोमवार को कोतवाली रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में आयोजित प्रेसवार्ता में यमुना जल बिरादरी के संयोजक हर्षुल शर्मा एवं राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व सदस्य संजय जैन ने बताया कि नदियों को बचाने के लिए रेत मुक्ति आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि यमुना, आसन, शीतला, स्वारना, रवासन नदियों से पछवादून के लोगों का जीवन जुड़ा हुुआ है। इन्हीं नदियों के पानी से यहां खेती बाड़ी होती है। कहा कि राज्य में अब तक वन अधिकार अधिनियम लागू नहीं किया गया है। इससे लोगों के साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है। उन्होंने नदियों में खनन पट्टे सर्वे के आधार पर आवंटित करने के साथ ही प्रतिबंधित क्षेत्र में भी वैज्ञानिक विधि से तलछट की सफाई करने की मांग की। साथ ही सरकार से स्थानीय लोगों को रियायती दरों पर उप खनिज चुगान की अनुमति देने, नदी-नालों के दोहन से मिलने वाली रॉयल्टी को विकास कार्यों में लगाने और बरसात में खेतों में बाढ़ के साथ आए उप खनिज के चुगान की अनुमति किसानों को देने की भी मांग की। प्रेसवार्ता में अरविंद शर्मा, यश शर्मा, समीर अंसारी, अभिषेक चौहान आदि मौजूद रहे।
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