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भोजनमाताओं ने महिला आयोग अध्यक्ष से की मुलाकात
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
छह हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिए जाने समेत कई मांगों के समर्थन में भोजनमाताओं ने सोमवार को राज्य महिला आयोग अध्यक्ष विजया बड़थ्वाल से मुलाकात की। भोजनमाताओं ने प्रोत्साहन राशि छह हजार रुपये किए जाने समेत कई मांगों के निस्तारण की मांग की है।
भोजनमाता संगठन की प्रदेश अध्यक्ष ऊषा देवी ने बताया कि एक वर्ष से बकाया भुगतान और छह हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिए जाने की मांग की जा रही है। साथ ही भोजनमाता कल्याण कोष का गठन कर 65 वर्ष की आयु में सम्मानजनक राशि के साथ सेवानिवृत्त करने की मांग भी की गई है। इसके बावजूद अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसके अलावा छात्र संख्या कम होने पर 10 वर्षों से अधिक समय से कार्यरत भोजनमाताओं की सेवा समाप्त की जा रही है। इससे उनके सामने परिवार के भरण पोषण की समस्या पैदा हो रही है। ऊषा देवी ने कहा कि बड़ी संख्या में भोजनमाताएं बीते 15 वर्षों से सरकारी विद्यालयों में सेवाएं दे रहीं हैं, लेकिन एक हजाए रुपये मिलने वाले मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इस दौरान संगीता धीमान, रेखा, गुड्डी देवी, नीलू कश्यप और संगठन के संरक्षक जगदीश गुप्ता मौजूद रहे।
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छह हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिए जाने समेत कई मांगों के समर्थन में भोजनमाताओं ने सोमवार को राज्य महिला आयोग अध्यक्ष विजया बड़थ्वाल से मुलाकात की। भोजनमाताओं ने प्रोत्साहन राशि छह हजार रुपये किए जाने समेत कई मांगों के निस्तारण की मांग की है।
भोजनमाता संगठन की प्रदेश अध्यक्ष ऊषा देवी ने बताया कि एक वर्ष से बकाया भुगतान और छह हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिए जाने की मांग की जा रही है। साथ ही भोजनमाता कल्याण कोष का गठन कर 65 वर्ष की आयु में सम्मानजनक राशि के साथ सेवानिवृत्त करने की मांग भी की गई है। इसके बावजूद अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसके अलावा छात्र संख्या कम होने पर 10 वर्षों से अधिक समय से कार्यरत भोजनमाताओं की सेवा समाप्त की जा रही है। इससे उनके सामने परिवार के भरण पोषण की समस्या पैदा हो रही है। ऊषा देवी ने कहा कि बड़ी संख्या में भोजनमाताएं बीते 15 वर्षों से सरकारी विद्यालयों में सेवाएं दे रहीं हैं, लेकिन एक हजाए रुपये मिलने वाले मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इस दौरान संगीता धीमान, रेखा, गुड्डी देवी, नीलू कश्यप और संगठन के संरक्षक जगदीश गुप्ता मौजूद रहे।
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