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18 किलोमीटर पैदल चलकर ग्रामीणों ने सड़क तक पहुंचाया मरीज
Updated Mon, 17 Dec 2018 09:52 PM IST
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गोपेश्वर। चमोली जिले के सबसे दूरस्थ गांव डुमक के ग्रामीणों को सड़क सुविधा न होने पर मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए मीलों दूरी तय करनी पड़ रही है। रविवार को एक व्यक्ति को लकवे की शिकायत होने पर ग्रामीण उसे स्ट्रेचर पर 18 किलोमीटर पैदल चलकर जिला अस्पताल तक लाए।
वर्ष 2009 में शासन से कुजौं-बेमरु-डुमक मोटर मार्ग के निर्माण की स्वीकृति मिली। पीएमजीएसवाई पोखरी की ओर से सड़क निर्माण कार्य शुरू किया गया, लेकिन चट्टानी भाग होने के कारण सड़क निर्माण आज तक पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में ग्रामीणाों को गोपेश्वर-कुजौं-मैकोट सड़क से कुजौं गांव तक वाहन से और यहां से 18 किलोमीटर पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है। रविवार को डुमक गांव के बाग सिंह (75) को अचानक लकवे की शिकायत हो गई। ग्रामीण उन्हें आयुर्वेदिक चिकित्सालय ले गए लेकिन यहां से उन्हें रेफर कर दिया गया। इसके बाद ग्रामीण उन्हें स्ट्रेचर पर पैदल चलकर 18 किलोमीटर कुजौं गांव तक लाए। यहां से वाहन से 13 किलोमीटर दूरी तय कर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। सीएमओ डा. तृप्ति बहुगुणा ने कहा कि मरीज की हालत अब सामान्य है। ग्रामीण बहादुर सिंह और यशवंत सिंह भंडारी का कहना है कि डुमक गांव को सड़क से जोड़ने के लिए कई बार जिला मुख्यालय पर आंदोलन किए गए, लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। सीएम के आश्वासन के बाद भी सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। इधर, पीएमजीएसवाई के ईई राजकुमार का कहना है कि चट्टानी भाग होने के कारण सड़क निर्माण कार्य पूरा नहीं किया जा सका है। जल्द ही सड़क की हिल कटिंग कार्य पूरा कर डुमक गांव तक सड़क पहुंचा दी जाएगी।
वर्ष 2009 में शासन से कुजौं-बेमरु-डुमक मोटर मार्ग के निर्माण की स्वीकृति मिली। पीएमजीएसवाई पोखरी की ओर से सड़क निर्माण कार्य शुरू किया गया, लेकिन चट्टानी भाग होने के कारण सड़क निर्माण आज तक पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में ग्रामीणाों को गोपेश्वर-कुजौं-मैकोट सड़क से कुजौं गांव तक वाहन से और यहां से 18 किलोमीटर पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है। रविवार को डुमक गांव के बाग सिंह (75) को अचानक लकवे की शिकायत हो गई। ग्रामीण उन्हें आयुर्वेदिक चिकित्सालय ले गए लेकिन यहां से उन्हें रेफर कर दिया गया। इसके बाद ग्रामीण उन्हें स्ट्रेचर पर पैदल चलकर 18 किलोमीटर कुजौं गांव तक लाए। यहां से वाहन से 13 किलोमीटर दूरी तय कर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। सीएमओ डा. तृप्ति बहुगुणा ने कहा कि मरीज की हालत अब सामान्य है। ग्रामीण बहादुर सिंह और यशवंत सिंह भंडारी का कहना है कि डुमक गांव को सड़क से जोड़ने के लिए कई बार जिला मुख्यालय पर आंदोलन किए गए, लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। सीएम के आश्वासन के बाद भी सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। इधर, पीएमजीएसवाई के ईई राजकुमार का कहना है कि चट्टानी भाग होने के कारण सड़क निर्माण कार्य पूरा नहीं किया जा सका है। जल्द ही सड़क की हिल कटिंग कार्य पूरा कर डुमक गांव तक सड़क पहुंचा दी जाएगी।
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