{"_id":"5c0a9fe5bdec2241975ff7b7","slug":"15442002068-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्र संगठनों ने फूंका राज्य सरकार का पुतला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्र संगठनों ने फूंका राज्य सरकार का पुतला
Updated Fri, 07 Dec 2018 09:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। उत्तराखंड की बदहाल स्वास्थ्य सेवा और एनआईटी उत्तराखंड के छात्रों को जयपुर शिफ्ट करने के विरोध में विभिन्न छात्र संगठनों ने प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली से पहाड़ के अस्पताल, शिक्षण केंद्र और दफ्तर मरणासन्न स्थिति में हैं।
शुक्रवार को छात्र संगठन आइसा के आह्वान पर गोला बाजार में प्रदर्शन किया गया। आंदोलन को छात्र संगठन डीएसओ और एनएसयूआई ने भी समर्थन देते हुए प्रदर्शन में भाग लिया। इस अवसर पर कहा गया कि बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं की वजह से रुद्रप्रयाग व उत्तरकाशी में नवजात बच्चों व प्रसूता की मौत हुई है। यह शर्मनाक है, कि पिछले 17 सालों में जिला मुख्यालयों में प्रसव के लिए तंत्र खड़ा नहीं हो पाया है। खराब स्वास्थ्य सेवाओं की वजह से हो रही मौतें हत्या की श्रेणी में आती हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि जमीन उपलब्ध होने के बावजूद एनआईटी का निर्माण न होने के लिए केंद्र व राज्य सरकार जिम्मेदार है। अपनी असफलता को छुपाने के लिए स्थानीय विधायक धन सिंह रावत लगातार झूठ बोल रहे हैं। पुतला फूंकने वालों में आइसा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अतुल सती, छात्र संघ उपाध्यक्ष अंकित उछोली, कपूर सिंह, शिवानी पांडेय, कविता खत्री, डीएसओ की रेशमा व प्रवीण भंडारी और एनएसयूआई के सत्यम कालरा व मनजीत रावत आदि शामिल थे।
विज्ञापन
शुक्रवार को छात्र संगठन आइसा के आह्वान पर गोला बाजार में प्रदर्शन किया गया। आंदोलन को छात्र संगठन डीएसओ और एनएसयूआई ने भी समर्थन देते हुए प्रदर्शन में भाग लिया। इस अवसर पर कहा गया कि बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं की वजह से रुद्रप्रयाग व उत्तरकाशी में नवजात बच्चों व प्रसूता की मौत हुई है। यह शर्मनाक है, कि पिछले 17 सालों में जिला मुख्यालयों में प्रसव के लिए तंत्र खड़ा नहीं हो पाया है। खराब स्वास्थ्य सेवाओं की वजह से हो रही मौतें हत्या की श्रेणी में आती हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि जमीन उपलब्ध होने के बावजूद एनआईटी का निर्माण न होने के लिए केंद्र व राज्य सरकार जिम्मेदार है। अपनी असफलता को छुपाने के लिए स्थानीय विधायक धन सिंह रावत लगातार झूठ बोल रहे हैं। पुतला फूंकने वालों में आइसा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अतुल सती, छात्र संघ उपाध्यक्ष अंकित उछोली, कपूर सिंह, शिवानी पांडेय, कविता खत्री, डीएसओ की रेशमा व प्रवीण भंडारी और एनएसयूआई के सत्यम कालरा व मनजीत रावत आदि शामिल थे।
विज्ञापन