{"_id":"5c019f88bdec22415e42cf35","slug":"15436102937-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुर्घटना में बिगड़े चेहरे एम्स में ठीक हो सकेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुर्घटना में बिगड़े चेहरे एम्स में ठीक हो सकेंगे
Updated Sat, 01 Dec 2018 02:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। पैदाइशी या दुर्घटना में बिगड़े चेहरे भी एम्स में उच्च तकनीक से ठीक हो सकेंगे। उत्तराखंड जैसे दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में आए दिन दुर्घटना व आपदाओं में कई दफा लोगों के चेहरे की हड्डियों को नुकसान होता है। इस दृष्टि से एम्स के डेंटिस्ट्री एंड मेक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग की भूमिका अहम है। एम्स में आयोजित फेसियल ट्रॉमा सर्जरी सेमीनार के दौरान निदेशक प्रो. रविकांत ने सर्जरी के क्षेत्र में नई खोजों व तकनीक से रूबरू कराया।
संस्थान की डीन एकेडमिक प्रोफेसर सुरेखा किशोर ने विभागीय पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि सेमिनार से चिकित्सा स्नातक व स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी। प्रोफेसर श्रीनिवास गोसला रेड्डी ने बताया कि संस्थान के निदेशक की पहल पर लोगों को एम्स में फेसियल ट्रोमा सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। प्रो. रेड्डी ने जन्मजात व दुर्घटना से चेहरे से संबंधित विकृति, टूटफूट, कटे होंठ व तालू आदि का एम्स में उपलब्ध आधुनिक तकनीक से उपचार संबंधी जानकारियां दी।
डॉ. दिव्या मल्होत्रा, डॉ. प्रवेश मेहरा, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. सौरभ वार्ष्णेय, डॉ. अजय कुमार, डॉ. मधुबरी वैथुल्या ने आंख, चेहरे की विभिन्न हड्डियों, त्वचा आदि विषयों पर व्याख्यान दिया। इस मौके पर डॉ. आशी चुग, डॉ. शैलेश, डॉ. पद्मानिधि, डॉ. लता गोयल, डॉ. सागरिका शुक्ला, डॉ. नुमान आदि ने सहयोग किया।
विज्ञापन
स्पेशल मिर्गी क्लीनिक शुरू
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में शुक्रवार को बच्चों के लिए बालरोग विभाग में स्पेशल मिर्गी क्लीनिक शुरू हो गई है । क्लीनिक का उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रोफेसर रविकांत ने किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि बाल रोग विभाग में हर शुक्रवार को दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक चलने वाली इस क्लीनिक में एम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ब्रह्म प्रकाश अपनी सेवाएं देंगे।
विज्ञापन
संस्थान की डीन एकेडमिक प्रोफेसर सुरेखा किशोर ने विभागीय पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि सेमिनार से चिकित्सा स्नातक व स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी। प्रोफेसर श्रीनिवास गोसला रेड्डी ने बताया कि संस्थान के निदेशक की पहल पर लोगों को एम्स में फेसियल ट्रोमा सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। प्रो. रेड्डी ने जन्मजात व दुर्घटना से चेहरे से संबंधित विकृति, टूटफूट, कटे होंठ व तालू आदि का एम्स में उपलब्ध आधुनिक तकनीक से उपचार संबंधी जानकारियां दी।
विज्ञापन
डॉ. दिव्या मल्होत्रा, डॉ. प्रवेश मेहरा, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. सौरभ वार्ष्णेय, डॉ. अजय कुमार, डॉ. मधुबरी वैथुल्या ने आंख, चेहरे की विभिन्न हड्डियों, त्वचा आदि विषयों पर व्याख्यान दिया। इस मौके पर डॉ. आशी चुग, डॉ. शैलेश, डॉ. पद्मानिधि, डॉ. लता गोयल, डॉ. सागरिका शुक्ला, डॉ. नुमान आदि ने सहयोग किया।
विज्ञापन
स्पेशल मिर्गी क्लीनिक शुरू
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में शुक्रवार को बच्चों के लिए बालरोग विभाग में स्पेशल मिर्गी क्लीनिक शुरू हो गई है । क्लीनिक का उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रोफेसर रविकांत ने किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि बाल रोग विभाग में हर शुक्रवार को दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक चलने वाली इस क्लीनिक में एम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ब्रह्म प्रकाश अपनी सेवाएं देंगे।