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पत्नी के हत्यारे को आजीवन कारावास
Updated Fri, 30 Nov 2018 01:47 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मनीष मिश्रा की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। बीती एक नवंबर 2017 को रोशनलाल मूल निवासी कताई मिल परतापुर मेरठ, हाल निवासी चंद्रेश्वर नगर ऋषिकेश ने अपनी पत्नी रूपा देवी उम्र 21 वर्ष की तार से गला घोंट कर हत्या कर दी थी। घटना के बाद रोशनलाल ने कोतवाली ऋषिकेश में जाकर आत्मसमर्पण कर दिया था। आरोपी ने अपने बयानों में बताया था कि रूपा से उसका घटना से दो वर्ष पूर्व प्रेम विवाह हुआ था।
शादी के बाद उनकी एक बेटी हुई। घटना के दो माह पूर्व रूपा बिना बताए घर से कहीं चली गई थी। रोशनलाल के मुताबिक घटना से चार दिन पूर्व रूपा उसके पास आकर बोली कि वह अपनी बेटी को अपने साथ ले जाना चाहती है। इस पर उसे शक हो गया और उसने तार से गला घोंटकर रूपा की हत्या कर दी। उक्त मामला न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में विचाराधीन था। बुधवार को उक्त केस पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने रोशनलाल को दोषी करार दिया था।
न्यायालय ने बृहस्पतिवार को सजा पर अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोपी रोशनलाल पर उक्त केस के अलावा अन्य कोई केस दर्ज नहीं है। न्यायालय ने माना कि आरोपी पेशेवर अपराधी मालूम नहीं होता है। इसलिए उसे मृत्युदंड नहीं दिया जा सकता। रोशनलाल को आजीवन कारावास की सजा के साथ दस हजार रुपये के अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड न अदा करने पर चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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शादी के बाद उनकी एक बेटी हुई। घटना के दो माह पूर्व रूपा बिना बताए घर से कहीं चली गई थी। रोशनलाल के मुताबिक घटना से चार दिन पूर्व रूपा उसके पास आकर बोली कि वह अपनी बेटी को अपने साथ ले जाना चाहती है। इस पर उसे शक हो गया और उसने तार से गला घोंटकर रूपा की हत्या कर दी। उक्त मामला न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में विचाराधीन था। बुधवार को उक्त केस पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने रोशनलाल को दोषी करार दिया था।
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न्यायालय ने बृहस्पतिवार को सजा पर अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोपी रोशनलाल पर उक्त केस के अलावा अन्य कोई केस दर्ज नहीं है। न्यायालय ने माना कि आरोपी पेशेवर अपराधी मालूम नहीं होता है। इसलिए उसे मृत्युदंड नहीं दिया जा सकता। रोशनलाल को आजीवन कारावास की सजा के साथ दस हजार रुपये के अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड न अदा करने पर चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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