फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   एम्स का प्रशिक्षणार्थी पेसेंट सेफ्टी पर करेगा बेहतर कार्य : प्रो. रविकांत

एम्स का प्रशिक्षणार्थी पेसेंट सेफ्टी पर करेगा बेहतर कार्य : प्रो. रविकांत

Wed, 28 Nov 2018 01:31 AM IST
Updated Wed, 28 Nov 2018 01:31 AM IST
विज्ञापन
एम्स का प्रशिक्षणार्थी पेसेंट सेफ्टी पर करेगा बेहतर कार्य : प्रो. रविकांत
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
विज्ञापन

मरीजों को सुरक्षा के लिए निर्धारित अंतरराष्ट्रीय मानकों का अस्पतालों में पालन किया जाना जरूरी है। सेफ्टी मानकों के क्रियान्वयन में अस्पताल प्रशासन, चिकित्सक व सपोर्टिंग स्टाफ के स्तर पर बरती जाने वाली लापरवाही रोगियों में असुरक्षा की भावना को बढ़ाएगा।
यह बात एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने मंगलवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला के अंतिम दिन कही। एम्स के मेडिकल एजुकेशन विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला में एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने कहा कि एम्स संस्थान में उपचार व प्रशिक्षण के स्तर पर पेसेंट सेफ्टी को लेकर गाइड लाइन का पालन हो रहा है। इस दौरान पेसेंट सेफ्टी विषय पर कई विशेषज्ञों ने विचार रखे। विशेषज्ञों ने रोगियों की सुरक्षा के लिए निर्धारित मानकों का पालन करने, उपचार में आने वाली बाधाओं को दूर करने पर जोर दिया।
विज्ञापन

कार्यशाला में यूनिवर्सिटी ऑफ बाथ, इंग्लैंड की प्रो. डॉ. ट्रिसिया वुडहेड ने पेसेंट सेफ्टी विषय पर व्याख्यान में चिकित्सा प्रणाली में रोगी की सुरक्षा को लेकर होने वाली छोटी-छोटी गलतियों पर ध्यान देने व उनसे सीख लेने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने हेल्थ केयर में आने वाली बाधाओं को दूर करने पर जोर दिया। डॉ. ट्रिसिया ने बताया चिकित्सा क्षेत्र में रोगी के उपचार में की गई छोटी चूक भारी पड़ सकती है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन दिल्ली के पूर्व निदेशक प्रो. विपिन बत्रा ने रोगियों की सुरक्षा के लिए उच्च स्तरीय प्रदर्शन करने वाली टीम के गठन और रोगी की सुरक्षा में होने वाली गलतियों को पकड़ने के तरीके बताए। चेयरमैन इंस्टीट्यूट ऑफ इमरजेंसी मेडिसिन और हास्पिटल नई दिल्ली डॉ. तामोरिस कोले ने भारत में रोगी की चिकित्सा में सुरक्षा के लिहाज से सिस्टम की कमियों पर चर्चा की और रचनात्मक सुधार की जरूरत बताई। कार्यशाला में यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ वेल्स, यूके के प्रो. पराग सिंघल व प्रो. मार्टिन स्टीगल ने भी व्याख्यान दिया। मेडिकल एजुकेशन विभागाध्यक्ष डॉ. शालिनी राव, डीन प्रो. सुरेखा किशोर, प्रो. बीना रवि, नर्सिंग कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुरेश शर्मा, प्रो. सोमप्रकाश बासू, डॉ. रविकांत, डॉ. प्रतिमा गुप्ता, डॉ. तरुण गोयल, डॉ. राजेश काथरोटिया, डॉ. सुपर्णा बासू, प्रो. सौरभ वार्ष्णेय, डॉ. मीनाक्षी धर, डॉ. वसंता कल्याणी, डॉ. अनुभा अग्रवाल आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed