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सोशल मीडिया का अधिक उपयोग युवाओं के जीवन पर डाल रहा बुरा प्रभाव
Updated Sun, 25 Nov 2018 09:35 PM IST
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श्रीनगर। गढ़वाल विवि के डालियों का दगड़िया, पर्वतीय विकास शोध केंद्र एवं उमंग की ओर से युवाओं द्वारा किए जा रहे सोशल मीडिया के गलत उपयोग पर चिंता व्यक्त की गई। साथ ही भूजल के अंधाधुंध दोहन व ग्लेशियरों के सिकुड़ने से पनप रहे जल संकट से निजात पाने को जन जागरूकता पर जोर देने को कहा गया।
रविवार को जीएमवीएन में पत्रकारों से वार्ता करते कार्यक्रम के संयोजक डा. मोहन सिंह पंवार व पर्वतीय विकास शोध केंद्र के डा. अरविंद दरमोडा ने कहा कि सोशल मीडिया का अधिकतम प्रयोग युवाओं के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल रहा है साथ ही उनकी मानसिक दशा को भी खोखला कर रहा है। उन्होंने कहा कि इससे युवा पीढ़ी अपने लक्ष्य से भटक कर मानसिक तनाव व नकारात्मकता की ओर बढ़ रही है। जोकि आने वाले समय में युवाओं व देश के लिए विनाश का सूचक बन सकता है। बताया कि इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए 27 नवंबर को सामाजिक संचार माध्यम और युवा विषय पर कार्यशाला आयोजित की जाएगी। जबकि प्राकृतिक आपदा पर नियंत्रण व जल संरक्षण के लिए ठोस नीति बनाए जाने के लिए 28 व 29 नवंबर को जल संरक्षण प्रबंधन पर भी कार्यशाला आयोजित होगी। बताया कि उक्त दोनों कार्यशालाएं बिड़ला परिसर के सीनेट हॉल में आयोजित की जाएगी।
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रविवार को जीएमवीएन में पत्रकारों से वार्ता करते कार्यक्रम के संयोजक डा. मोहन सिंह पंवार व पर्वतीय विकास शोध केंद्र के डा. अरविंद दरमोडा ने कहा कि सोशल मीडिया का अधिकतम प्रयोग युवाओं के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल रहा है साथ ही उनकी मानसिक दशा को भी खोखला कर रहा है। उन्होंने कहा कि इससे युवा पीढ़ी अपने लक्ष्य से भटक कर मानसिक तनाव व नकारात्मकता की ओर बढ़ रही है। जोकि आने वाले समय में युवाओं व देश के लिए विनाश का सूचक बन सकता है। बताया कि इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए 27 नवंबर को सामाजिक संचार माध्यम और युवा विषय पर कार्यशाला आयोजित की जाएगी। जबकि प्राकृतिक आपदा पर नियंत्रण व जल संरक्षण के लिए ठोस नीति बनाए जाने के लिए 28 व 29 नवंबर को जल संरक्षण प्रबंधन पर भी कार्यशाला आयोजित होगी। बताया कि उक्त दोनों कार्यशालाएं बिड़ला परिसर के सीनेट हॉल में आयोजित की जाएगी।
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