फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   गंभीर बीमारियों का पता लगाने में फिश तकनीक कारगर

गंभीर बीमारियों का पता लगाने में फिश तकनीक कारगर

Sun, 25 Nov 2018 12:52 AM IST
Updated Sun, 25 Nov 2018 12:52 AM IST
विज्ञापन
गंभीर बीमारियों का पता लगाने में फिश तकनीक कारगर
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
विज्ञापन

डोईवाला। स्वामीराम हिमालयन यूनिवर्सिटी जौलीग्रांट में शनिवार को उन्नत तकनीक फिश पर आधारित दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान देश विदेश के विशषज्ञों ने फिश तकनीक के बारे में जानकारियां साझा कीं।

पैथोलाजी विभाग और कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट के संयुक्त तत्वावधान में कार्यशाला का शुभारंभ एचआईएमएस डीन डॉ. मुश्ताक अहमद, डॉ. सुनील सैनी, डॉ. वाईएस बिष्ट और डॉ. सुरेश झंवर ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. मुश्ताक अहमद ने कहा कि किसी भी बीमारी की पहचान और निदान में पैथोलाजी जांच की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसी को आधार बनाकर मरीज का उचित उपचार दिया जाता है। अमेरिका के डॉ. सुरेश झंवर ने कहा कि फिश तकनीक की उच्च संवेदनशीलता, विशिष्टता और गति ने इसे एक महत्वपूर्ण साइटोजोनिक तकनीक बना दिया है। कैंसर में इस तकनीक से लाभ मिला है। डॉ. जयराम ने कहा कि मनुष्य के शरीर में मौजूद गुणसूत्रों में असमानताओं के चलते कई प्रकार की बीमारी हो सकती हैं। इन बीमारियों का पता फिश तकनीक से मिल जाता है। इसके अलावा हांगकांग के डॉ. मॉर्को, न्यूयार्क की डॉ. मीना झंवर, साइप्रस से डॉ. फिलीपॉस, डॉ. मूयर परिहार आदि ने फिश तकनीक पर व्याख्यान दिए। आयोजक सचिव डॉ. नीना चौहान ने कहा कि अनुवांशिक और अन्य घातक बीमारियों में फिश तकनीक की सटीक होने से फायदा मिला है। कार्यशाला में डॉ. अनुराधा कुसुम, डॉ. दुष्यंत गौर, डॉ. नादिया सिराजी, डॉ. विकास श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed