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भगवान श्री राम के राज्याभिषेक के साथ रामलीला हुई संपन्न
Updated Wed, 31 Oct 2018 10:20 PM IST
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थत्यूड़ (टिहरी)। धार्मिक एवं सांस्कृतिक रामलीला समिति की ओर से आयोजित रामलीला में सूपर्णखा के नाक काटने, खर, दूषण वध और सीता हरण का शानदार मंचन हुआ।
रामलीला में सूपर्णखा लक्ष्मण के सामने शादी का प्रस्ताव रखती है, जिससे आक्रोशित लक्ष्मण सूपर्णखा की नाक काट देते है। इसके बाद खर दूषण युद्ध को आते है, जिनका राम वध करते हैं। रावण मामा मारीच के पास जाकर सीता हरण की सलाह लेते हैं। मारीच सोने के मृग का वेश धारण कर पंचवटी में विचरण करने लगता है, जिसे देख कर सीता राम से मृग को पकड़ने के लिए कहती है। राम मृग का पीछा करते हुए दूर जंगल की ओर चल देते हैं और लक्ष्मण सीता को लक्ष्मण रेखा के अंदर रहने की सलाह देकर राम के साथ चले जाते है। रावण साधु का वेश धारण कर छल से सीता का हरण कर लेता है। इस मौके पर कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष सुरेंद्र रावत, रेंजर मनमोहन बिष्ट, गजेंद्र असवाल, सुनील सजवाण, कमल नौटियाल, राम प्रकाश भट्ट, सुनील रावत, जयपाल पंवार, शिवदास, सुरेंद्र गुसाईं, सोवत रावत, वीरेंद्र बहुगुणा, विनोद रावत और लक्ष्मण रावत आदि मौजूद थे।
राम-लक्ष्मण ने किया ताड़का, सुबाहु का वध
ऊखीमठ। संयुक्त रामलीला कमेटी के सहयोग से आयोजित 11 दिवसीय रामलीला मंचन के दूसरे दिन सीता जन्म का मंचन किया गया। रामलीला देखने के लिए दर्शक देर रात तक पंडाल में जुटे रहे। तहसील परिसर में आयोजित रामलीला के दूसरे दिन विश्वामित्र अयोध्या जाते हैं और महाराजा दशरथ से उनके पुत्र राम और लक्ष्मण को आश्रम की सुरक्षा के लिए उनके साथ जंगल भेजने का आग्रह करते हैं। दोनों राजकुमार आश्रम जाते हैं और यज्ञ के दौरान बाधा उत्पन्न करने पर ताड़का, सुबाहु आदि राक्षसों का वध करते हैं। दूसरी तरफ मिथिलापुरी में अकाल से मुक्ति के लिए महाराजा जनक पत्नी के साथ खेत में सोने का हल चलाते हैं। इस दौरान जमीन से एक घड़े में से सुंदर कन्या निकलती है, जिसका नाम सीता रखा जाता है। कमेटी के अध्यक्ष प्रेम सिंह पुष्पवाण व संयोजक भगवती प्रसाद मैठाणी ने नगरवासियों से धार्मिक अनुष्ठान के सफल संचालन के लिए सहयोग की अपील की।
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राम परिवार की झांकी निकाली
कर्णप्रयाग। सदाशिव रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला श्री राम के राज्याभिषेक के साथ संपन्न हो गई। आयोजकों ने नगर में राम परिवार की भव्य झांकी निकाली और श्रद्धालुओं ने झांकी का पुष्प वर्षा से स्वागत किया। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कांति प्रसाद डिमरी और संरक्षक सरदार संत सिंह ने रामलीला के सफल मंचन के लिए सबका आभार जताया। रामलीला में अभिनय करने और सहयोग करने वालों को पुरस्कृत किया। इस मौके पर दिनेश मैखुरी, राकेश कुमार डिमरी, प्रताप लूथरा, अनिल डिमरी, विनोद पुरोहित, मुमताज खान, जीआर बेंजवाल, एआर बहुगुणा, चंडी प्रसाद रतूड़ी आदि मौजूद रहे।
रामलीला में सूपर्णखा लक्ष्मण के सामने शादी का प्रस्ताव रखती है, जिससे आक्रोशित लक्ष्मण सूपर्णखा की नाक काट देते है। इसके बाद खर दूषण युद्ध को आते है, जिनका राम वध करते हैं। रावण मामा मारीच के पास जाकर सीता हरण की सलाह लेते हैं। मारीच सोने के मृग का वेश धारण कर पंचवटी में विचरण करने लगता है, जिसे देख कर सीता राम से मृग को पकड़ने के लिए कहती है। राम मृग का पीछा करते हुए दूर जंगल की ओर चल देते हैं और लक्ष्मण सीता को लक्ष्मण रेखा के अंदर रहने की सलाह देकर राम के साथ चले जाते है। रावण साधु का वेश धारण कर छल से सीता का हरण कर लेता है। इस मौके पर कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष सुरेंद्र रावत, रेंजर मनमोहन बिष्ट, गजेंद्र असवाल, सुनील सजवाण, कमल नौटियाल, राम प्रकाश भट्ट, सुनील रावत, जयपाल पंवार, शिवदास, सुरेंद्र गुसाईं, सोवत रावत, वीरेंद्र बहुगुणा, विनोद रावत और लक्ष्मण रावत आदि मौजूद थे।
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राम-लक्ष्मण ने किया ताड़का, सुबाहु का वध
ऊखीमठ। संयुक्त रामलीला कमेटी के सहयोग से आयोजित 11 दिवसीय रामलीला मंचन के दूसरे दिन सीता जन्म का मंचन किया गया। रामलीला देखने के लिए दर्शक देर रात तक पंडाल में जुटे रहे। तहसील परिसर में आयोजित रामलीला के दूसरे दिन विश्वामित्र अयोध्या जाते हैं और महाराजा दशरथ से उनके पुत्र राम और लक्ष्मण को आश्रम की सुरक्षा के लिए उनके साथ जंगल भेजने का आग्रह करते हैं। दोनों राजकुमार आश्रम जाते हैं और यज्ञ के दौरान बाधा उत्पन्न करने पर ताड़का, सुबाहु आदि राक्षसों का वध करते हैं। दूसरी तरफ मिथिलापुरी में अकाल से मुक्ति के लिए महाराजा जनक पत्नी के साथ खेत में सोने का हल चलाते हैं। इस दौरान जमीन से एक घड़े में से सुंदर कन्या निकलती है, जिसका नाम सीता रखा जाता है। कमेटी के अध्यक्ष प्रेम सिंह पुष्पवाण व संयोजक भगवती प्रसाद मैठाणी ने नगरवासियों से धार्मिक अनुष्ठान के सफल संचालन के लिए सहयोग की अपील की।
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राम परिवार की झांकी निकाली
कर्णप्रयाग। सदाशिव रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला श्री राम के राज्याभिषेक के साथ संपन्न हो गई। आयोजकों ने नगर में राम परिवार की भव्य झांकी निकाली और श्रद्धालुओं ने झांकी का पुष्प वर्षा से स्वागत किया। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कांति प्रसाद डिमरी और संरक्षक सरदार संत सिंह ने रामलीला के सफल मंचन के लिए सबका आभार जताया। रामलीला में अभिनय करने और सहयोग करने वालों को पुरस्कृत किया। इस मौके पर दिनेश मैखुरी, राकेश कुमार डिमरी, प्रताप लूथरा, अनिल डिमरी, विनोद पुरोहित, मुमताज खान, जीआर बेंजवाल, एआर बहुगुणा, चंडी प्रसाद रतूड़ी आदि मौजूद रहे।