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पुरानी सभ्यताओं के अध्ययन में डीएनए तकनीक अहम

Fri, 26 Oct 2018 09:32 PM IST
Updated Fri, 26 Oct 2018 09:32 PM IST
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पुरानी सभ्यताओं के अध्ययन में डीएनए तकनीक अहम
श्रीनगरा। गढ़वाल विवि के इतिहास एवं पुरातत्व विभाग में प्राचीन डीएनए तकनीक एवं उसका उपयोग विषय पर एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि पुरानी सभ्यताओं के अध्ययन में डीएनए तकनीक सर्वाधिक अहम है।
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शुक्रवार को चौरास परिसर स्थित हिमालयी पुरातत्व संग्रहालय में एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता बीरबल साहनी पेलियो संस्थान के डीएनए विशेषज्ञ डा. नीरज राय ने भारत में प्राचीनतम मानवीय आवागमन के अध्ययन में डीएनए तकनीक की महत्ता के बारे बताया। कहा कि सभ्यताओं के इतिहास को जानने में डीएनए तकनीक सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। सेमिनार में डीन स्कूल ऑफ आर्ट प्रो. विनोद नौटियाल, निदेशक चौरास परिसर प्रो. डीपी सकलानी, प्रो. आरसी भट्ट, प्रो. पीएम सकलानी आदि मौजूद थे।
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