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प्रत्याशियों के प्रत्येक दिन के व्यय पर रहेगी निर्वाचन अधिकारियों की नजर
Updated Wed, 24 Oct 2018 10:28 PM IST
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गोपेश्वर। निकाय चुनाव में प्रत्याशियों को नामांकन से लेकर निर्वाचन परिणाम घोषित होने तक प्रत्येक दिन के व्यय के खर्चे का ब्योरा निर्वाचन कार्यालय में दिखाना होगा। अगर तय सीमा से अधिक किसी ने धनराशि खर्च की होगी तो जीतने के बाद भी प्रत्याशी अयोग्य घोषित होगा।
बुधवार को निर्वाचन व्यय विवरण तैयार करने के लिए कलक्ट्रेट सभागार में मुख्य कोषाधिकारी वीरेंद्र कुमार ने प्रत्याशियों को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि दस वार्ड वाले नगर पालिका परिषद में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार के लिए निर्वाचन व्यय की अधिकतम सीमा चार लाख है, जबकि इससे अधिक वार्ड संख्या वाले नगर पालिका परिषद में अध्यक्ष पद के लिए छह लाख है। नगर पालिका परिषद में सभासद का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी के लिए निर्वाचन व्यय की सीमा 60 हजार है। नगर पंचायत में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के लिए अधिकतम निर्वाचन व्यय की सीमा दो लाख निर्धारित है और नगर पंचायत सभासद पद के प्रत्याशी के लिए निर्वाचन व्यय की अधिकतम सीमा 30 हजार निर्धारित है। निर्वाचन में इससे अधिक खर्च करने वाले प्रत्याशियों को जीतने के बाद भी अयोग्य घोषित किया जाएगा। मुख्य कोषाधिकारी ने सभी प्रत्याशियों को नामांकन की तिथि से निर्वाचन परिणाम घोषित होने तक प्रत्येक दिन का व्यय विवरण तैयार करने को कहा। उन्होंने बताया कि निर्वाचन परिणाम की घोषणा के एक माह में निर्वाचन विभाग के अधिकारियों के सामने खर्चे का ब्योरा प्रस्तुत करना होगा। इस मौके पर निर्वाचन व्यय लेखा के नोडल अधिकारी दीपक चंद्र भट्ट, गिरीश चंद्र थपलियाल के साथ ही सभी अध्यक्ष और सभासद के प्रत्याशी मौजूद थे।
बुधवार को निर्वाचन व्यय विवरण तैयार करने के लिए कलक्ट्रेट सभागार में मुख्य कोषाधिकारी वीरेंद्र कुमार ने प्रत्याशियों को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि दस वार्ड वाले नगर पालिका परिषद में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार के लिए निर्वाचन व्यय की अधिकतम सीमा चार लाख है, जबकि इससे अधिक वार्ड संख्या वाले नगर पालिका परिषद में अध्यक्ष पद के लिए छह लाख है। नगर पालिका परिषद में सभासद का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी के लिए निर्वाचन व्यय की सीमा 60 हजार है। नगर पंचायत में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के लिए अधिकतम निर्वाचन व्यय की सीमा दो लाख निर्धारित है और नगर पंचायत सभासद पद के प्रत्याशी के लिए निर्वाचन व्यय की अधिकतम सीमा 30 हजार निर्धारित है। निर्वाचन में इससे अधिक खर्च करने वाले प्रत्याशियों को जीतने के बाद भी अयोग्य घोषित किया जाएगा। मुख्य कोषाधिकारी ने सभी प्रत्याशियों को नामांकन की तिथि से निर्वाचन परिणाम घोषित होने तक प्रत्येक दिन का व्यय विवरण तैयार करने को कहा। उन्होंने बताया कि निर्वाचन परिणाम की घोषणा के एक माह में निर्वाचन विभाग के अधिकारियों के सामने खर्चे का ब्योरा प्रस्तुत करना होगा। इस मौके पर निर्वाचन व्यय लेखा के नोडल अधिकारी दीपक चंद्र भट्ट, गिरीश चंद्र थपलियाल के साथ ही सभी अध्यक्ष और सभासद के प्रत्याशी मौजूद थे।
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