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कांडीखाल-सिलोड़-चंद्रबदनी मोटर मार्ग निर्माण की जगी उम्मीद

Sun, 21 Oct 2018 10:33 PM IST
Updated Sun, 21 Oct 2018 10:33 PM IST
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कांडीखाल-सिलोड़-चंद्रबदनी मोटर मार्ग निर्माण की जगी उम्मीद
धनवीर बिष्ट
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श्रीनगर। सिद्धपीठ चंद्रबदनी मंदिर की दूरी अब कम हो सकेगी। चार विकासखंडों के सैकड़ों गांवों को सिद्धपीठ चंद्रबदनी मंदिर से जोड़ने वाली कांडीखाल-सिलोड़-चंद्रबदनी मोटर मार्ग निर्माण की उम्मीद जगी है। विवाद सुलझने के करीब डेढ़ दशक बाद मार्ग निर्माण का सर्वेक्षण कार्य शुरू हो चुका है।
विकासखंड कीर्तिनगर, देवप्रयाग, प्रतापनगर व भिलंगना के ग्रामीणों को अब चंद्रबदनी मंदिर तक पहुंचने के लिए कई किमी का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। लोनिवि कीर्तिनगर ने सिलोड़-चंद्रबदनी मोटर मार्ग निर्माण के लिए सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया है। विभाग के अधिशासी अभियंता बीएस नेगी ने बताया कि मार्ग को लेकर ग्रामीणों के बीच वर्षों से चल रहा विवाद हल हो चुका है। अब सिलोड़ से चंद्रबदनी 8 किमी. मोटर मार्ग निर्माण के लिए सर्वेक्षण कार्य प्रगति पर है, जबकि इसी मोटर मार्ग पर सिलोड़ से पठोई तक तीन किमी भाग का सर्वेक्षण कार्य लोनिवि प्रांतीय खंड नई टिहरी की ओर से करवाया जा चुका है। नेगी ने बताया कि सर्वेक्षण कार्य पूरा होने के बाद मार्ग का अलाइनमेंट अधीक्षण अभियंता कार्यालय को भेज दिया जाएगा। अलाइनमेंट स्वीकृत होने पर मार्ग पर पड़ने वाली वन भूमि की पत्रावली तैयार की जाएगी। स्थानीय निवासी पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख विनोद रावत ने बताया कि विभाग की ओर से कांडीखाल से सिलोड़ तक वर्ष 2003-04 में करीब पांच किमी मोटर मार्ग का निर्माण कार्य करवाया गया था, लेकिन तब से मोटर मार्ग चंद्रबदनी तक नहीं पहुंच पाया था। ऐसे में क्षेत्र की हजारों आबादी को मोटर मार्ग का लाभ नहीं मिल पा रहा था।
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मार्ग निर्माण से पर्यटन व तीर्थाटन को मिलेगा बढ़ावा
श्रीनगर। कांडीखाल-चंद्रबदनी मोटर मार्ग निर्माण से चार विकासखंडों के सैकड़ों गांवों को जहां चंद्रबदनी मंदिर व संगम स्थल देवप्रयाग तक पहुंचने में आसानी होगी, वहीं इस क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। मार्ग के बांज, बुरांस, देवदार, आदि के घने जंगलों के पास से गुजरने पर लोग प्राकृतिक छटा के साथ ही हिमालय के दर्शन भी कर सकेंगे। जबकि देवप्रयाग व पौड़ी आदि क्षेत्रों से पहुंचने वाले पर्यटकों को भी टिहरी झील सहित क्षेत्र के पर्यटक स्थलों तक पहुंचने में आसान होगी।
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