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शिव धनुष तोड़ श्रीराम की हुई सीता, क्रोधित हुए शिवभक्त परशुराम

Thu, 18 Oct 2018 09:52 PM IST
Updated Thu, 18 Oct 2018 09:52 PM IST
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शिव धनुष तोड़ श्रीराम की हुई सीता, क्रोधित हुए शिवभक्त परशुराम

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पीपलकोटी/गोपेश्वर। ज्योति क्लब की ओर से आयोजित रामलीला के तीसरे दिन सीता स्वयंवर और परशुराम-लक्ष्मण संवाद का मंचन हुआ। रामलीला देखने के लिए स्थानीय लोगों के साथ ही बदरीनाथ तीर्थयात्रा पर पहुंच रहे तीर्थयात्री भी पहुंच रहे हैं। तीसरे दिन की रामलीला का शुभारंभ जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी ने किया।
रामलीला में राजा जनक की ओर से सीता के लिए स्वयंवर का आयोजन किया जाता है। राजा शिव का धनुष तोड़ने वाले से ही सीता के विवाह की बात करते हैं। विभिन्न देशों के राजा धनुष को उठा नहीं पाते। बाद में श्रीराम धनुष तोड़ देते हैं और सीता के साथ उनका विवाह संपन्न होता है। शिव धनुष पर परशुराम क्रोधित होकर जनकपुरी पहुंचते हैं। लक्ष्मण और परशुराम के बीच धनुष तोड़ने पर तीखा संवाद होता है, जैसे ही परशुराम को श्रीराम की महिमा का पता चलता है वो उनसे क्षमा याचना करते हैं। वहीं, गोपेश्वर में कर्मचारी संगठन की ओर से आयोजित रामलीला में हनुमान जन्म का मंचन हुआ।
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रुद्रप्रयाग में अमसारी वार्ड में आयुष्मान रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला में सीता स्वयंवर और परशुराम-लक्ष्मण संवाद का मंचन किया किया। तिलवाड़ा के सुमाड़ी में आयोजित रामलीला के चौथे दिन राम वनवास का मंचन हुआ। महारानी कैकेयी महाराज दशरथ से दो वरदान के तहत राम को चौदह वर्ष का वनवास और अपने पुत्र भरत को राजगद्दी देने की बात कही गई। विवश होकर महाराजा दशरथ राम को वनवास जाने के लिए कहते हैं। पिता की आज्ञा का पालन करते हुए राम, सीता और लक्ष्मण के साथ वन के लिए चले जाते हैं।
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हनुमान ने रावण की लंका में लगाई आग
कर्णप्रयाग/थराली। कर्णप्रयाग के मां चंडिका रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला में लंका दहन का मंचन किया गया। रामलीला मंचन का शुभारंभ करते हुए पुलिस उपनिरीक्षक पौड़ी अजय कुमार ने कहा कि श्री राम का चरित्र मनुष्य को संघर्षों से जूझना सिखाता है।

रामलीला में लंकाधिपति रावण अशोक वाटिका में जाकर जगतजननी सीता से अपनी प्रणनयनी बनने का कहता है। माता सीता रावण को धिक्कारते हुए कहती हैं कि उसके संपूर्ण कुल का नाश श्री राम के हाथों होगा। वहीं हनुमान अशोक वाटिका पहुंचते हैं और सीता को श्री राम की अंगूठी देते हैं।हनुमान सीता से फल खाने की आज्ञा लेकर अशोक वाटिका को उजाड़ कर अक्षय कुमार सहित राक्षसों का वध कर देते हैं। बाद में मेघनाद हनुमान को बांधकर रावण के पास ले जाता है। रावण सभासदों की राय से हनुमान की पूछ पर आग लगवा देता है और रावण की स्वर्णिम लंका में आग लगा देता है। इस मौके पर कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नेगी, जन कल्याण समिति कर्णप्रयाग के सचिव सुनील चमोला, जुगल किशोर डिमरी हरेंद्र सिंह लडोला आदि मौजूद थे। थराली के रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला में हनुमान दर्शन की भव्य झांकी निकाली गई। रामलीला कमेटी के संरक्षक खीमानंद खंडूड़ी, अध्यक्ष कृष्णपाल सिंह गुसांई, हरीराम ज्योति, नंदू बहुगुणा, कुंवर सिंह रावत, सुरपाल सिंह रावत, मोहन बहुगुणा और कुंदन सिंह आदि मौजूद थे।
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