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भगवान राम को चौदह वर्ष का वनवास होने पर भावुक हुए दर्शक
Updated Sun, 14 Oct 2018 09:44 PM IST
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श्रीनगर। श्री आदर्श रामलीला समिति की ओर से आयोजित रामलीला के चौथे दिन राम वनवास लीला का मंचन किया गया। पात्रों के जीवंत अभिनय ने दर्शकों को भावुक कर दिया।
शनिवार की रात रामलीला मंचन में मंथरा-कैकयी संवाद, दशरथ-कैकयी संवाद एवं राम वनवास लीला का भावुक मंचन किया गया। मंथरा के कहने पर कैकयी राजा दशरथ को दो वरदान देने का वायदा याद दिलाती है, जिसके तहत राम को 14 वर्ष का वनवास व भरत को राजगद्दी मांगती है। लीला में मंथरा की भूमिका पूरन महेरा, कैकयी पंकज बडोनी, दशरथ सुदेश जुगरान, राम दिपांशु गुप्ता, लक्ष्मण निक्की उनियाल, सीता विमल सेमवाल आदि रहे।
शनिवार की रात रामलीला मंचन में मंथरा-कैकयी संवाद, दशरथ-कैकयी संवाद एवं राम वनवास लीला का भावुक मंचन किया गया। मंथरा के कहने पर कैकयी राजा दशरथ को दो वरदान देने का वायदा याद दिलाती है, जिसके तहत राम को 14 वर्ष का वनवास व भरत को राजगद्दी मांगती है। लीला में मंथरा की भूमिका पूरन महेरा, कैकयी पंकज बडोनी, दशरथ सुदेश जुगरान, राम दिपांशु गुप्ता, लक्ष्मण निक्की उनियाल, सीता विमल सेमवाल आदि रहे।
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