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स्वामी के शरीर को गंगा स्नान की मिले अनुमति
Updated Sun, 14 Oct 2018 02:05 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर को गंगा जल नसीब कराने के लिए एम्स में संतों का जमावड़ा शनिवार को भी रहा। मातृ सदन के संतों सहित जयराम आश्रम के संचालक ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने एम्स प्रशासन से मुलाकात कर अनुरोध किया कि पार्थिव शरीर को गंगा स्नान कराने की अनुमति दी जाए। इस प्रस्ताव पर संस्थान प्रबंधन ने अभी तक हामी नहीं भरी है।
मुलाकात के बाद बाहर आए ब्रह्मस्वरूप ने बताया कि हमारी मुलाकात चिकित्साधीक्षक बृजेंद्र कुमार से हुई। उनसे कहा कि सनातन परंपरा के अनुसार सन्यास ग्रहण के बाद पहला अधिकार गुरु का होता है। इसके साथ ही भारतीय परंपरानुसार स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर को गंगा स्नान और मुंह में गंगा जल डालने की अनुमति मिलनी चाहिए। एम्स जो भी मेडिकल प्रक्रिया अपनाना चाहे उस पर कोई एतराज नहीं है। यह बेहद अफसोस जनक है कि गंगा के लिए जीने और मरने वाले संत को अंतिम बेला में गंगा जल न नसीब हो।
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मुलाकात के बाद बाहर आए ब्रह्मस्वरूप ने बताया कि हमारी मुलाकात चिकित्साधीक्षक बृजेंद्र कुमार से हुई। उनसे कहा कि सनातन परंपरा के अनुसार सन्यास ग्रहण के बाद पहला अधिकार गुरु का होता है। इसके साथ ही भारतीय परंपरानुसार स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर को गंगा स्नान और मुंह में गंगा जल डालने की अनुमति मिलनी चाहिए। एम्स जो भी मेडिकल प्रक्रिया अपनाना चाहे उस पर कोई एतराज नहीं है। यह बेहद अफसोस जनक है कि गंगा के लिए जीने और मरने वाले संत को अंतिम बेला में गंगा जल न नसीब हो।
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