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खराटे एक जान लेवा बीमारी है: डेविस
Updated Fri, 12 Oct 2018 02:00 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश । डॉ. डेविस थामस ने का कहना है कि खर्राटे लेना एक जानलेवा बीमारी है। ऐसे लोगों को हर छह माह के अंतराल में स्लीपिंग टेस्ट करवाना अनिवार्य है। बृहस्पतिवार को प्रेस क्लब भवन में डॉ. डेविस थामस व सहयोगी डाक्टरों ने पत्रकारों से वार्ता की। इस मौके पर डॉ. थामस ने बताया कि मुनिकीरेती स्थित कैलाशगेट पर श्री राधा कृष्णा मल्टी स्पेशलिटी डेंटल एंड डाइग्नोस्टिक क्लीनिक का शुभारंभ किया रहा है। यहां मशीनों से स्लीपएप की बीमारी का इलाज किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि देश में लगभग 90 प्रतिशत लोग खर्राटे की बीमारी से ग्रसित हैं। सांस नली के ज्यादा खुलने के कारण हवा सांस नली में गूंजने लगती है जो खर्राटे के रूप में तब्दील हो जाती है। यह एक घातक बीमारी है इससे व्यक्ति की जान भी जा सकती है। यह टेस्ट रात के समय नींद के दौरान हर तीस मिनट के अंतराल में किया जाता है। इस मौके पर डॉ. देवांग, डॉ. विराज सुकवानी, डॉ. उष्मा नसलीन मौजूद थे।
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उन्होंने बताया कि देश में लगभग 90 प्रतिशत लोग खर्राटे की बीमारी से ग्रसित हैं। सांस नली के ज्यादा खुलने के कारण हवा सांस नली में गूंजने लगती है जो खर्राटे के रूप में तब्दील हो जाती है। यह एक घातक बीमारी है इससे व्यक्ति की जान भी जा सकती है। यह टेस्ट रात के समय नींद के दौरान हर तीस मिनट के अंतराल में किया जाता है। इस मौके पर डॉ. देवांग, डॉ. विराज सुकवानी, डॉ. उष्मा नसलीन मौजूद थे।
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