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एनआईटी और आईटीआई भवनों के निर्माण जल्द कराएं सरकार

Sun, 07 Oct 2018 09:48 PM IST
Updated Sun, 07 Oct 2018 09:48 PM IST
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एनआईटी और आईटीआई भवनों के निर्माण जल्द कराएं सरकार
श्रीनगर। एनआईटी का मुद्दा एक बार फिर गरमाने लगा है। छात्रों सहित स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। रविवार को धरना प्रदर्शन कर स्थानीय लोगों ने एनआईटी स्थायी कैंपस के निर्माण, वाहन दुर्घटना के दोषी ड्राइवरों को फांसी और आपदा से क्षतिग्रस्त आईटीआई भवन के पुनर्निर्माण की मांग की। साथ ही राजस्व उप निरीक्षक के माध्यम से प्रधानमंत्री को इस संबंध में ज्ञापन भेजा।
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रविवार को पुराना भक्तियाना-श्रीनगर गढ़वाल बचाव संघर्ष समिति के बैनर तले स्थानीय निवासियों ने शीतला मंदिर तिराहे पर धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि अस्थायी कैंपस मेें एनआईटी के छात्र-छात्राओं को असुविधा झेलनी पड़ रही है। शिक्षा के नाम पर उन्हें बंधक बनाया गया है। कहा कि पिछले दिनों कार की टक्कर से घायल हुई छात्रा की हालात नाजुक बनी हुई है। उन्होंने सरकार को छात्रा के इलाज का खर्चा वहन करने और दुर्घटना के दोषी चालकों को फांसी दिए जाने की बात कही। वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2013 की आपदा में ध्वस्त आईटीआई भवन का आज तक निर्माण नहीं हो पाया है। जबकि आपदा के बाद करोड़ों रुपये की सुरक्षा दीवार व पुलिस विभाग के भवनों का निर्माण हो चुका है। स्थानीय निवासियों ने पंच पीपल से श्रीकोट तक हाईवे पर डिवाइर लगाने की मांग की। समिति के संयोजक कमलेश नैथानी, हिमांशु बहुगुणा, राजेश्वरी चमोली, सत्य प्रसाद चमोली, पीएस बिष्ट, त्रिलोक चौहान, दिलीप शाही, जगत ङ्क्षसह नेगी, सुरेंद्र नेगी, विमला देवी, सतेश्वरी, इंदू और मीनाक्षी आदि धरने पर बैठे।
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