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वन्य जीवों के संरक्षण के लिए विशेष ध्यान देने जरूरत: स्वामी चिदानंद
Updated Fri, 05 Oct 2018 12:52 AM IST
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हाथियों को बचाने के लिए कार्ययोजना जल्द : हरक
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
मुनिकीरेती। वन्य जीव सप्ताह के अंतर्गत वन विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को चीला वन विश्राम गृह में हाथी दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वन और पर्यावरण मंत्री हरक सिंह रावत, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि, वन्य जीव अधिकारी संजय सिन्हा व पार्क निदेशक सनातन सोनकर ने हिस्सा लिया।
इस मौके पर वन मंत्री हरक सिंह रावत ने हाथी कॉरिडोर में हाथियों को बचाने के लिए जल्द ही कार्ययोजना बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि जंगल, जमीन और जीवों के लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा, तभी हम इन्हें बचा सकते हैं। इसके लिए सरकार अपने स्तर पर प्रयास कर रही है। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि ने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम में केवल मनुष्य ही नहीं बल्कि पूरा पर्यावरण, प्रकृति और प्राणी भी हैं। हम सभी को इनके संरक्षण और हितों का ध्यान रखना होगा। स्वामी चिदानंद मुनि ने कहा कि वन्य जीव संपूर्ण सृष्टि के लिए जीते हैं। लिहाजा हमारा कर्तव्य है कि हम उनका संरक्षण करें। जंगल में हाथियों के लिए जो परंपरागत गलियारे थे, वह धीरे-धीरे समाप्त होते जा रहे हैं। अब जंगलों में हाथियों के लिए गलियारा बनाने की जरूरत है। इसके अलावा हाथियों के लिए उनकी रुचि के पौधे पीपल, वट, केला, आंवला, नीम और अन्य पत्तीदार पौध लगाने होंगे।
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
मुनिकीरेती। वन्य जीव सप्ताह के अंतर्गत वन विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को चीला वन विश्राम गृह में हाथी दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वन और पर्यावरण मंत्री हरक सिंह रावत, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि, वन्य जीव अधिकारी संजय सिन्हा व पार्क निदेशक सनातन सोनकर ने हिस्सा लिया।
इस मौके पर वन मंत्री हरक सिंह रावत ने हाथी कॉरिडोर में हाथियों को बचाने के लिए जल्द ही कार्ययोजना बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि जंगल, जमीन और जीवों के लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा, तभी हम इन्हें बचा सकते हैं। इसके लिए सरकार अपने स्तर पर प्रयास कर रही है। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि ने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम में केवल मनुष्य ही नहीं बल्कि पूरा पर्यावरण, प्रकृति और प्राणी भी हैं। हम सभी को इनके संरक्षण और हितों का ध्यान रखना होगा। स्वामी चिदानंद मुनि ने कहा कि वन्य जीव संपूर्ण सृष्टि के लिए जीते हैं। लिहाजा हमारा कर्तव्य है कि हम उनका संरक्षण करें। जंगल में हाथियों के लिए जो परंपरागत गलियारे थे, वह धीरे-धीरे समाप्त होते जा रहे हैं। अब जंगलों में हाथियों के लिए गलियारा बनाने की जरूरत है। इसके अलावा हाथियों के लिए उनकी रुचि के पौधे पीपल, वट, केला, आंवला, नीम और अन्य पत्तीदार पौध लगाने होंगे।
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