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राज्य आंदोलनकारियों के बलिदान को किया याद
Updated Wed, 03 Oct 2018 02:09 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
रामपुर तिराहा कांड की बरसी पर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। अस्पताल रोड स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित सभा में मंच के अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने कहा कि राज्य गठन के 18 साल बाद भी शहीदों के सपनों का उत्तराखंड साकार नहीं हो सका है। पलायन, बेरोजगारी जैसी समस्याओं के निस्तारण से ही राज्य आंदोलनकारियों के सपने साकार हो सकते हैं। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में देवेश्वरी बिडालिया, नरेंद्र कुकरेती, सुशीला धस्माना, सविता ध्यानी, जयंती पटवाल, बीना पंवार, वीरेंद्र नेगी, राम सिंह रावत, शंभू प्रसाद, मुन्नी नौटियाल, दिगंबरी नेगी, कमला घिल्डियाल, सुरेंद्र कुकरेती, अमरावती नेगी, असजद, सावित्री रावत, सुशीला, अनीता चमोली, गोदावरी भट्ट, मनोरमा डोभाल, दमयंती कुकरेती, विश्वेश्वरी रावत, सरोज, मोहन प्रसाद नैनवाल, सावित्री जोशी, यशपाल सिंह आदि शामिल रहे।
वहीं सेलाकुई में भी उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच ने शहीद सत्येंद्र चौक पर कार्यक्रम आयोजित कर शहीदों को नमन किया। वक्ताओं ने कहा कि घटना के 24 साल बाद भी दोषियों को सजा नहीं मिल सकी है, जो बेहद दुखद है।
विधायक सहदेव सिंह पुंडीर ने भी शहीद स्मारक पर पहुंच शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि देने वालों में शूरवीर सिंह, मदन मोहन बिजल्वाण, रविंद्र मोहन, दिनेश तिवारी, तीरथ, चमन सिंह, जगदीश बिष्ट, दिनेश तिवारी, अमित पंवार, अशोक नेगी, संजय गुप्ता, अशोक महावर, दिनेश गुप्ता, काशीराम महावर, शिव मोहन, हरिमोहन, मेहर सिंह, दीपक क्षेत्री, मंजू नेगी, भगवती चौहान आदि शामिल रहे।
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रामपुर तिराहा कांड की बरसी पर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। अस्पताल रोड स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित सभा में मंच के अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने कहा कि राज्य गठन के 18 साल बाद भी शहीदों के सपनों का उत्तराखंड साकार नहीं हो सका है। पलायन, बेरोजगारी जैसी समस्याओं के निस्तारण से ही राज्य आंदोलनकारियों के सपने साकार हो सकते हैं। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में देवेश्वरी बिडालिया, नरेंद्र कुकरेती, सुशीला धस्माना, सविता ध्यानी, जयंती पटवाल, बीना पंवार, वीरेंद्र नेगी, राम सिंह रावत, शंभू प्रसाद, मुन्नी नौटियाल, दिगंबरी नेगी, कमला घिल्डियाल, सुरेंद्र कुकरेती, अमरावती नेगी, असजद, सावित्री रावत, सुशीला, अनीता चमोली, गोदावरी भट्ट, मनोरमा डोभाल, दमयंती कुकरेती, विश्वेश्वरी रावत, सरोज, मोहन प्रसाद नैनवाल, सावित्री जोशी, यशपाल सिंह आदि शामिल रहे।
वहीं सेलाकुई में भी उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच ने शहीद सत्येंद्र चौक पर कार्यक्रम आयोजित कर शहीदों को नमन किया। वक्ताओं ने कहा कि घटना के 24 साल बाद भी दोषियों को सजा नहीं मिल सकी है, जो बेहद दुखद है।
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विधायक सहदेव सिंह पुंडीर ने भी शहीद स्मारक पर पहुंच शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि देने वालों में शूरवीर सिंह, मदन मोहन बिजल्वाण, रविंद्र मोहन, दिनेश तिवारी, तीरथ, चमन सिंह, जगदीश बिष्ट, दिनेश तिवारी, अमित पंवार, अशोक नेगी, संजय गुप्ता, अशोक महावर, दिनेश गुप्ता, काशीराम महावर, शिव मोहन, हरिमोहन, मेहर सिंह, दीपक क्षेत्री, मंजू नेगी, भगवती चौहान आदि शामिल रहे।
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