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टीएचडीसी के परियोजना कार्य से बौंला-दुर्गापुर को कोई खतरा नहीं
Updated Mon, 24 Sep 2018 09:45 PM IST
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गोपेश्वर। अलकनंदा नदी पर परियोजना का निर्माण कर रही टीएचडीसी कंपनी के अधिकारियों ने परियोजना की सुरंग से ग्राम पंचायत बौंला-दुर्गापुर को कोई खतरा न होने की बात कही।
बौंला-दुर्गापुर गांव के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को भेजे शिकायती पत्र में परियोजना कार्य से क्षेत्र में भूस्खलन और गांव को खतरा होने की बात कही थी। टीएचडीसी के जनरल मैनेजर यूएस सक्सेना ने बताया कि परियोजना निर्माण के लिए बौंला-दुर्गापुर गांव में 3.623 हेक्टेयर वन भूमि परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई है। ग्रामीणों की मांग पर वर्ष 2015 में बंगलूरू की संस्था एनआईआरएम (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रॉक मैकेनिक्स) ने यहां भू-गर्भीय जांच की थी। संस्था ने अपनी रिपोर्ट में गांव में किसी भी प्रकार का खतरा होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लोनिवि की ओर से सड़क निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। हो सकता है सड़क निर्माण से क्षेत्र में भूस्खलन हो रहा होगा।
बौंला-दुर्गापुर गांव के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को भेजे शिकायती पत्र में परियोजना कार्य से क्षेत्र में भूस्खलन और गांव को खतरा होने की बात कही थी। टीएचडीसी के जनरल मैनेजर यूएस सक्सेना ने बताया कि परियोजना निर्माण के लिए बौंला-दुर्गापुर गांव में 3.623 हेक्टेयर वन भूमि परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई है। ग्रामीणों की मांग पर वर्ष 2015 में बंगलूरू की संस्था एनआईआरएम (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रॉक मैकेनिक्स) ने यहां भू-गर्भीय जांच की थी। संस्था ने अपनी रिपोर्ट में गांव में किसी भी प्रकार का खतरा होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लोनिवि की ओर से सड़क निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। हो सकता है सड़क निर्माण से क्षेत्र में भूस्खलन हो रहा होगा।
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