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व्यवस्थाएं सुधारने को 52 बैंक प्रबंधकों को नोटिस
Updated Wed, 12 Sep 2018 02:05 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। कोतवाली पुलिस ने एटीएम में नकदी निकासी के दौरान होने वाली ठगी को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। पुलिस ने बैंकों व एटीएम में व्यवस्थाएं सुधारने के लिए 52 बैंक प्रबंधकों को नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में प्रबंधकों को एटीएम में सुरक्षाकर्मी की नियुक्ति, एटीएम कार्ड की क्लोनिंग से लोगों को बचाने के लिए समय समय पर एटीएम की विशेषज्ञ से जांच कराने, एटीएम में सीसीटीवी कैमरे को दुरुस्त रखने, निकासी के दौरान सिर्फ एक ही व्यक्ति को एटीएम के भीतर प्रवेश देने और एटीएम सिक्योरिटी गार्ड को लोगों को कार्ड की क्लोनिंग के संबंध में जागरूक करने के लिए कहा है।
दूसरी ओर क्षेत्र में बैंक खातों से ऑनलाइन ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सिर्फ ऋषिकेश शहर में ही एक माह के भीतर तीन लोगों से एटीएम और क्रेडिट कार्ड से संबंधित गोपनीय जानकारियों को धोखे से हासिल कर करीब एक लाख रुपये से अधिक ठग लिए गए। हालांकि, इस बाबत पुलिस से लेकर बैंक तक लोगों को जागरूक करने में लगे हैं। बावजूद नागरिकों के साथ मोबाइल फोन के माध्यम से धोखाधड़ी के मामले नहीं थम पा रहे हैं।
केस-1
28 अगस्त को निजी संस्थान के वर्कशॉप प्रभारी इंदिरानगर निवासी देवेंद्र के मोबाइल पर कॉल कर अज्ञात ने क्रेडिट कार्ड एक्सपायर होने की बात कही और खुद को बैंक के क्रेडिट कार्ड का अधिकारी बताया। बातों में आकर देवेंद्र ने कार्ड की तमाम जानकारियां अज्ञात को दे दी, जिसके बाद उनके खाते से 10 हजार रुपये की रकम साफ हो गई।
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केस-2
छह सितंबर को इंदिरानगर निवासी रंजना देवी को अज्ञात नंबर से मोबाइल पर कॉल आई। व्यक्ति ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर एटीएम कार्ड की जानकारी मांगी, जिस पर बातों में आकर रंजना ने एटीएम कार्ड की पूरी डिटेल दे दी। इसके बाद रंजना के खाते से 71 हजार रुपये की रकम ऑनलाइन ठग ली गई।
केस-3
सात सितंबर को देहरादून के प्रेमनगर स्थित ठाकुरपुर निवासी एम्स की कर्मचारी शीतल को अज्ञात नंबर से कॉल आई। युवक ने खुद को बैंक अधिकारी बताया। उसने शीतल को एटीएम कार्ड ब्लॉक होने की बात कही। कार्ड को रिन्यू करने के लिए जानकारी मांगी, जिस पर शीतल ने बातों में आकर एटीएम कार्ड से जानकारियां दे दी। कुछ घंटों बाद ही शीतल के खाते से 20 हजार रुपये की रकम कट गई।
कोट्स
अज्ञात नंबर से मोबाइल पर बैंक अधिकारी के नाम से कॉल आती है और लोग बातों में आकर खाते ही नहीं, कई बार एटीएम के पासवर्ड व 16 डिजिट के नंबर तक की जानकारी दे देते हैं, जोकि गलत है। कोई भी बैंक प्रबंधन आपके खाते और एटीएम की डिटेल को मोबाइल फोन कॉल कर नहीं मांगता है। इसमें लोगों के जागरूक होने की बेहद जरूरत है, तभी ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।
रितेश शाह, कोतवाल, ऋषिकेश।
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दूसरी ओर क्षेत्र में बैंक खातों से ऑनलाइन ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सिर्फ ऋषिकेश शहर में ही एक माह के भीतर तीन लोगों से एटीएम और क्रेडिट कार्ड से संबंधित गोपनीय जानकारियों को धोखे से हासिल कर करीब एक लाख रुपये से अधिक ठग लिए गए। हालांकि, इस बाबत पुलिस से लेकर बैंक तक लोगों को जागरूक करने में लगे हैं। बावजूद नागरिकों के साथ मोबाइल फोन के माध्यम से धोखाधड़ी के मामले नहीं थम पा रहे हैं।
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केस-1
28 अगस्त को निजी संस्थान के वर्कशॉप प्रभारी इंदिरानगर निवासी देवेंद्र के मोबाइल पर कॉल कर अज्ञात ने क्रेडिट कार्ड एक्सपायर होने की बात कही और खुद को बैंक के क्रेडिट कार्ड का अधिकारी बताया। बातों में आकर देवेंद्र ने कार्ड की तमाम जानकारियां अज्ञात को दे दी, जिसके बाद उनके खाते से 10 हजार रुपये की रकम साफ हो गई।
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केस-2
छह सितंबर को इंदिरानगर निवासी रंजना देवी को अज्ञात नंबर से मोबाइल पर कॉल आई। व्यक्ति ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर एटीएम कार्ड की जानकारी मांगी, जिस पर बातों में आकर रंजना ने एटीएम कार्ड की पूरी डिटेल दे दी। इसके बाद रंजना के खाते से 71 हजार रुपये की रकम ऑनलाइन ठग ली गई।
केस-3
सात सितंबर को देहरादून के प्रेमनगर स्थित ठाकुरपुर निवासी एम्स की कर्मचारी शीतल को अज्ञात नंबर से कॉल आई। युवक ने खुद को बैंक अधिकारी बताया। उसने शीतल को एटीएम कार्ड ब्लॉक होने की बात कही। कार्ड को रिन्यू करने के लिए जानकारी मांगी, जिस पर शीतल ने बातों में आकर एटीएम कार्ड से जानकारियां दे दी। कुछ घंटों बाद ही शीतल के खाते से 20 हजार रुपये की रकम कट गई।
कोट्स
अज्ञात नंबर से मोबाइल पर बैंक अधिकारी के नाम से कॉल आती है और लोग बातों में आकर खाते ही नहीं, कई बार एटीएम के पासवर्ड व 16 डिजिट के नंबर तक की जानकारी दे देते हैं, जोकि गलत है। कोई भी बैंक प्रबंधन आपके खाते और एटीएम की डिटेल को मोबाइल फोन कॉल कर नहीं मांगता है। इसमें लोगों के जागरूक होने की बेहद जरूरत है, तभी ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।
रितेश शाह, कोतवाल, ऋषिकेश।