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तेज बारिश से तालाब हुआ राजकीय प्राथमिक विद्यालय
Updated Wed, 12 Sep 2018 02:05 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। राजकीय प्राथमिक विद्यालय, चंद्रेश्वरनगर में बरसात के दौरान पानी भर जाने से सभी कक्षाएं तालाब के तब्दील हो जाती हैं, जिससे शिक्षकों को बैठने की मुकम्मल व्यवस्था नहीं होने से मजबूरी में बच्चों की छुट्टी करनी पड़ती है। ऐसे में बच्चों का पठन पाठन प्रभावित होने से उनके भविष्य पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। मंगलवार को सुबह हुई करीब घंटे भर की तेज बारिश में यही हाल रहा।
बारिश का पानी विद्यालय के भीतर सभी क्लास रूम में भर गया, जिसके कारण बच्चों के बैठने के लिए स्थान नहीं बचने पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक को निर्धारित समय से पहले ही बच्चों की छुट्टी करनी पड़ी। विद्यालय के प्रधानाध्यापक मुसाहिद हुसैन ने बताया कि बर्षाकाल में जिस दिन तेज बारिश होती है, स्कूल के भीतर जलभराव हो जाता है। उन्होंने बताया कि बारिश का पानी रिसने के बाद कैंपस में कीचड़ जमा हो जाता है।
सुबह हुई बारिश से विद्यालय के रसोई घर में रखा अधिकांश सामान खराब हो गया है। स्कूल में जलभराव होने के बाद स्थितियां सामान्य होने और गंदगी हटाने में तीन से चार दिन लग जाते हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल के आसपास वर्षा जल निकासी की मुकम्मल व्यवस्था नहीं है, लिहाजा सारा पानी स्कूल परिसर में भर जाता है। उनका कहना है कि नगर निगम की ओर से क्षेत्र में सड़कों का निर्माण किया जाता है, मगर वर्षा जल निकासी के लिए कोई भी इंतजाम नहीं किए गए है। जिसका नुकसान स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।
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बारिश का पानी विद्यालय के भीतर सभी क्लास रूम में भर गया, जिसके कारण बच्चों के बैठने के लिए स्थान नहीं बचने पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक को निर्धारित समय से पहले ही बच्चों की छुट्टी करनी पड़ी। विद्यालय के प्रधानाध्यापक मुसाहिद हुसैन ने बताया कि बर्षाकाल में जिस दिन तेज बारिश होती है, स्कूल के भीतर जलभराव हो जाता है। उन्होंने बताया कि बारिश का पानी रिसने के बाद कैंपस में कीचड़ जमा हो जाता है।
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सुबह हुई बारिश से विद्यालय के रसोई घर में रखा अधिकांश सामान खराब हो गया है। स्कूल में जलभराव होने के बाद स्थितियां सामान्य होने और गंदगी हटाने में तीन से चार दिन लग जाते हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल के आसपास वर्षा जल निकासी की मुकम्मल व्यवस्था नहीं है, लिहाजा सारा पानी स्कूल परिसर में भर जाता है। उनका कहना है कि नगर निगम की ओर से क्षेत्र में सड़कों का निर्माण किया जाता है, मगर वर्षा जल निकासी के लिए कोई भी इंतजाम नहीं किए गए है। जिसका नुकसान स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।
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