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छात्रों के दबाव में प्राचार्य ने वापस लिया छात्रों का निष्कासन
Updated Mon, 10 Sep 2018 10:28 PM IST
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घाट। महाविद्यालय घाट में शिक्षकों की तैनाती और भवन निर्माण की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं के बढ़ते आंदोलन को देख प्राचार्य ने निष्कासित तीन छात्रों का निष्कासन वापस ले लिया है। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने भी अपना आंदोलन स्थगित कर दिया।
छह सितंबर को महाविद्यालय घाट में अंग्रेजी प्रवक्ता की तैनाती और भवन निर्माण की मांग के लिए छात्र-छात्राओं ने महाविद्यालय के मुख्य प्रशासनिक भवन पर तालाबंदी कर दी थी। सात सितंबर को पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में प्राचार्य के लिखित आश्वासन पर ताला खुलवाया गया। प्राचार्य ने मामले को गंभीर बताते हुए आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र दीपक रतूड़ी, पुरुषोत्तम सती और प्रताप को महाविद्यालय से निष्कासित कर दिया था। सोमवार को आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने छात्रों के निष्कासन पर आक्रोश व्यक्त कर महाविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और परिसर में ही धरना शुरू कर दिया। आंदोलन तेज होते देख दोपहर एक बजे प्राचार्य केएन बरमोला छात्रों के बीच पहुंचे और उन्होंने छात्रों का निष्कासन वापस लेने की बात कही। प्राचार्य ने कहा कि एक माह में महाविद्यालय में अंग्रेजी प्रवक्ता की तैनाती हो जाएगी। कॉलेज भवनों के भूमि चयन की प्रक्रिया चल रही है। तब जाकर छात्र शांत हुए। प्राचार्य ने छात्रों को भविष्य में दोबारा आंदोलन न करने की हिदायत दी।
छह सितंबर को महाविद्यालय घाट में अंग्रेजी प्रवक्ता की तैनाती और भवन निर्माण की मांग के लिए छात्र-छात्राओं ने महाविद्यालय के मुख्य प्रशासनिक भवन पर तालाबंदी कर दी थी। सात सितंबर को पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में प्राचार्य के लिखित आश्वासन पर ताला खुलवाया गया। प्राचार्य ने मामले को गंभीर बताते हुए आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र दीपक रतूड़ी, पुरुषोत्तम सती और प्रताप को महाविद्यालय से निष्कासित कर दिया था। सोमवार को आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने छात्रों के निष्कासन पर आक्रोश व्यक्त कर महाविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और परिसर में ही धरना शुरू कर दिया। आंदोलन तेज होते देख दोपहर एक बजे प्राचार्य केएन बरमोला छात्रों के बीच पहुंचे और उन्होंने छात्रों का निष्कासन वापस लेने की बात कही। प्राचार्य ने कहा कि एक माह में महाविद्यालय में अंग्रेजी प्रवक्ता की तैनाती हो जाएगी। कॉलेज भवनों के भूमि चयन की प्रक्रिया चल रही है। तब जाकर छात्र शांत हुए। प्राचार्य ने छात्रों को भविष्य में दोबारा आंदोलन न करने की हिदायत दी।
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