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हिचकोले खाकर पहुंचना पड़ेगा महासू के दर

Mon, 10 Sep 2018 02:08 AM IST
Updated Mon, 10 Sep 2018 02:08 AM IST
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हिचकोले खाकर पहुंचना पड़ेगा महासू के दर
ब्यूरो/अमर उजाला/त्यूनी।
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जौनसार बावर की आस्था के प्रतीक महासू देवता मंदिर हनोल में 13 सितंबर से शुरू हो रहे दो दिवसीय विशाल जागड़ा मेले में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं को इस बार भी हिचकोलों भरा सफर तय करना पड़ेगा। मेले के आयोजन में चार दिन शेष हैं, इसके बावजूद सड़कों की हालत सुधारने के काम में तेजी नहीं आ रही है। मंदिर तक पहुंचने वाले सभी मुख्य मोटर मार्ग जीर्णशीर्ण पड़े हैं। अधिकांश मार्गों के जगह जगह से क्षतिग्रस्त होने से आवाजाही मुश्किल बनी हुई है। यह हाल तब हैं जब एसडीएम ने विभागीय अधिकारियों को फौरी तौर पर मार्गों को ठीक करने के निर्देश दिए हैं। मालूम हो कि हनोल मंदिर में आयोजित होने वाले जागड़ा मेले में भाग लेने के लिए जौनसार बावर के साथ ही पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश, यूपी, दिल्ली से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। जागड़ा पर्व के दिन यहां हर साल 10 हजार से अधिक लोग एकत्रित होते हैं। मंदिर तक पहुंचने के लिए हरिपुर कोटी मीनस, त्यूनी चकराता और त्यूनी पुरोला मार्ग मुख्य हैं। लेकिन सभी मार्ग जर्जर हाल में हैं। भूस्खलन के कारण जगह जगह सड़क किनारे मलबे के ढेर लगे हैं। सुरक्षा दीवारें और पैराफिट भी क्षतिग्रस्त पड़े हैं।
साथ ही बाशिक देवता मेंद्रथ, पबाशी देवता ठड़ियार, लक्सियार, थैना, बिसोई, लखवाड़, रायगी में भी बड़े स्तर पर जागड़ा पर्व का आयोजन होता है। लेकिन इन मंदिरों तक पहुंचाने वाले मार्गों की हालत भी बेहद खस्ता बनी हुई है। यदि समय रहते विभाग ने इन जर्जरहाल सड़कों की सुध नहीं ली तो श्रद्धालुओं की को परेशानियों का सामना कराना पड़ेगा।
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स्थानीय निवासी पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य नारायण सिंह पंवार, लायक राम शर्मा, इंदराम शर्मा, अमित डोभाल आदि का कहना है कि पिछले साल भी जागड़ा पर्व से पूर्व अधिकारियों को सड़कों की हालत में सुधार लाने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन विभाग ने किसी भी की नहीं सुनी। इस कारण लोगों को हिचकोले भरा सफर तय करना पड़ा। इस बार भी विभाग खस्ताहाल सड़कों की कोई सुध नहीं ले रहा है।
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इन सड़कों की हालत खस्ता
कालसी चकराता मोटर मार्ग, कालसी बैराटखाई, हनोल ठडियार, पुरोला मोरी, चकराता लाखामंडल, चकराता बिसोई, चकराता नागथात, चातरा हनोल, हनोल भ्यूलाड़ा, त्यूनी रायगी, अटाल त्यूनी, अटाल सैंज समेत क्षेत्र के एक दर्जन से भी अधिक संपर्क मार्गों पर जगह जगह सड़क किनारे मलबे के ढेर लगे हैं। इस कारण सड़क बेहद संकरी हो गई है। कई सड़कों पर गड्ढे भी बने हुए हैं। ऐसे में यदि समय रहते इन सड़कों की हालत नहीं सुधारी गई तो मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

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संबंधित अधिशासी अभियंताओं को पर्व से पूर्व सड़कों की हालत दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि निर्देशों पर अमल नहीं हो रहा है, तो कार्रवाई की जाएगी। सभी सड़कों से मलबा हटा लिया जाएगा।
- आरके गोयल मुख्य अभियंता
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