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प्रत्याशी चयन को दो धड़ों में बंटा एबीवीपी
Updated Fri, 31 Aug 2018 02:08 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
एबीवीपी में प्रत्याशी चयन को लेकर सबसे ज्यादा मारामारी मची हुई है। वर्तमान में प्रत्याशी चयन को लेकर एबीवीपी दो गुटों में बंटा नजर आ रहा है। जहां कुछ छात्र नेता अध्यक्ष पद पर बीबीए द्वितीय वर्ष की छात्रा सेजल लखरवाल को टिकट देने की मांग कर रहे हैं वहीं, कुछ छात्र नेता एमकॉम के छात्र विवेक बिजल्वाण और सलमान को टिकट दिलाने की जुगत में लगे हुए हैं। यह तीनों उम्मीदवार इन दिनों समर्थकों के साथ प्रचार प्रसार में जुटे हुए हैं।
सेजल को जहां पार्टी के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों का साथ बताया जा रहा है। वहीं विवेक और सलमान के साथ निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष काजल थापा और वरिष्ठ छात्र नेता मोहित जैन खड़े नजर आ रहे हैं। ऐसे में प्रत्याशी चयन को लेकर संगठन कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहता। जिसके चलते संगठन के उच्च पदाधिकारी बृहस्पतिवार को दोनों गुटों के सदस्यों के साथ वार्ता कर प्रत्याशी के बारे में जानकारी जुटाने में लगे रहे।
तो आर्यन देगा बागी को टिकट!
पछवादून के सबसे बड़े राजकीय महाविद्यालय में हमेशा आर्यन और एबीवीपी के बीच हमेशा वर्चस्व को लेकर कांटे की टक्कर रही है। पिछले छात्रसंघ चुनाव में आर्यन छात्र संगठन को मुंह की खानी पड़ी थी। एक भी अहम पद पर संगठन जीत हासिल करने में कामयाब नहीं हो सका था। ऐसे में इस साल संगठन गर्मियों की छुट्टियों से ही छात्रसंघ चुनाव की तैयारियों में जुटा हुआ है। एक माह पूर्व संगठन एनएसयूआई में अच्छी पकड़ रखने वाली कविता चौहान को भी अपने साथ मिलाने में कामयाब हो चुका है। संगठन के पास वर्तमान में चेहरों का भी खासा अभाव है। ऐसे में उम्मीद है कि संगठन पदाधिकारी एनएसयूआई छोड़ संगठन में शामिल हुई कविता को अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ा सकता है। कयास यह भी है कि अध्यक्ष पद पर धर्मेंद्र को भी टिकट मिल सकता है। बीबीए प्रथम वर्ष के छात्र धर्मेंद्र भी लंबे समय से चुनाव की तैयारियों में जुटे हुए हैं। इसके साथ ही महासचिव पद पर अर्चना, हिमांशु वर्मा और निशांत में से किसी एक को चुनाव लड़ाया जा सकता है।
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सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगा एनएसयूआई
प्रत्याशियों की सूची किस दिन जारी की जाएगी इसको लेकर भले ही संगठन में अभी कोई आम सहमति न बन सकी हो। लेकिन इस बार एनएसयूआई सभी पदों पर चुनाव लड़ेगा। मालूम हो कि एनएसयूआई करीब 17 साल से डिग्री कॉलेज में अपने वजूद को लेकर जूझ रहा है। बीते साल संगठन महज उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल करने में कामयाब हो सका था। ऐसे में इस जीत से उत्साहित संगठन ने इस साल सभी पदों पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। अधिक से अधिक छात्रों को संगठन से जोड़ा जा सके। इसके लिए बीते दिनों खुद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को विकासनगर आना पड़ा था। जहां उन्होंने दूसरे संगठनों के छात्रों को एनएसयूआई की सदस्यता ग्रहण कराई थी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष को अपने बीच पाकर छात्र नेता भी खासा गदगद थे। पछवादून कांग्रेस के जिला स्तरीय पदाधिकारी भी छात्रसंघ चुनाव में नजर लगाए हुए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि संगठन अध्यक्ष पद पर बीए तृतीय सेमेस्टर की छात्रा कल्पना चौहान को टिकट दे सकता है।
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एबीवीपी में प्रत्याशी चयन को लेकर सबसे ज्यादा मारामारी मची हुई है। वर्तमान में प्रत्याशी चयन को लेकर एबीवीपी दो गुटों में बंटा नजर आ रहा है। जहां कुछ छात्र नेता अध्यक्ष पद पर बीबीए द्वितीय वर्ष की छात्रा सेजल लखरवाल को टिकट देने की मांग कर रहे हैं वहीं, कुछ छात्र नेता एमकॉम के छात्र विवेक बिजल्वाण और सलमान को टिकट दिलाने की जुगत में लगे हुए हैं। यह तीनों उम्मीदवार इन दिनों समर्थकों के साथ प्रचार प्रसार में जुटे हुए हैं।
सेजल को जहां पार्टी के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों का साथ बताया जा रहा है। वहीं विवेक और सलमान के साथ निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष काजल थापा और वरिष्ठ छात्र नेता मोहित जैन खड़े नजर आ रहे हैं। ऐसे में प्रत्याशी चयन को लेकर संगठन कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहता। जिसके चलते संगठन के उच्च पदाधिकारी बृहस्पतिवार को दोनों गुटों के सदस्यों के साथ वार्ता कर प्रत्याशी के बारे में जानकारी जुटाने में लगे रहे।
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तो आर्यन देगा बागी को टिकट!
पछवादून के सबसे बड़े राजकीय महाविद्यालय में हमेशा आर्यन और एबीवीपी के बीच हमेशा वर्चस्व को लेकर कांटे की टक्कर रही है। पिछले छात्रसंघ चुनाव में आर्यन छात्र संगठन को मुंह की खानी पड़ी थी। एक भी अहम पद पर संगठन जीत हासिल करने में कामयाब नहीं हो सका था। ऐसे में इस साल संगठन गर्मियों की छुट्टियों से ही छात्रसंघ चुनाव की तैयारियों में जुटा हुआ है। एक माह पूर्व संगठन एनएसयूआई में अच्छी पकड़ रखने वाली कविता चौहान को भी अपने साथ मिलाने में कामयाब हो चुका है। संगठन के पास वर्तमान में चेहरों का भी खासा अभाव है। ऐसे में उम्मीद है कि संगठन पदाधिकारी एनएसयूआई छोड़ संगठन में शामिल हुई कविता को अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ा सकता है। कयास यह भी है कि अध्यक्ष पद पर धर्मेंद्र को भी टिकट मिल सकता है। बीबीए प्रथम वर्ष के छात्र धर्मेंद्र भी लंबे समय से चुनाव की तैयारियों में जुटे हुए हैं। इसके साथ ही महासचिव पद पर अर्चना, हिमांशु वर्मा और निशांत में से किसी एक को चुनाव लड़ाया जा सकता है।
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सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगा एनएसयूआई
प्रत्याशियों की सूची किस दिन जारी की जाएगी इसको लेकर भले ही संगठन में अभी कोई आम सहमति न बन सकी हो। लेकिन इस बार एनएसयूआई सभी पदों पर चुनाव लड़ेगा। मालूम हो कि एनएसयूआई करीब 17 साल से डिग्री कॉलेज में अपने वजूद को लेकर जूझ रहा है। बीते साल संगठन महज उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल करने में कामयाब हो सका था। ऐसे में इस जीत से उत्साहित संगठन ने इस साल सभी पदों पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। अधिक से अधिक छात्रों को संगठन से जोड़ा जा सके। इसके लिए बीते दिनों खुद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को विकासनगर आना पड़ा था। जहां उन्होंने दूसरे संगठनों के छात्रों को एनएसयूआई की सदस्यता ग्रहण कराई थी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष को अपने बीच पाकर छात्र नेता भी खासा गदगद थे। पछवादून कांग्रेस के जिला स्तरीय पदाधिकारी भी छात्रसंघ चुनाव में नजर लगाए हुए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि संगठन अध्यक्ष पद पर बीए तृतीय सेमेस्टर की छात्रा कल्पना चौहान को टिकट दे सकता है।