{"_id":"5b88442442c79246344b36e1","slug":"15356569839-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"संस्कृत छात्रों ने निकाली नगर क्षेत्र में संस्कृत शोभा यात्रा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संस्कृत छात्रों ने निकाली नगर क्षेत्र में संस्कृत शोभा यात्रा
Updated Fri, 31 Aug 2018 12:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छात्रों ने नगर क्षेत्र में निकाली संस्कृत शोभायात्रा
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
श्रीवेद संस्कृत महाविद्यालय की ओर से संस्कृत सप्ताह के समापन अवसर पर बृहस्पतिवार को संस्कृत शोभायात्रा का आयोजन किया गया। शोभायात्रा के दौरान छात्रों ने लोगों को देववाणी संस्कृत को आचार व्यवहार में शामिल करने के प्रति जागरूक किया।
श्रीवेद संस्कृत महाविद्यालय से संस्कृत शोभायात्रा का महाविद्यालय के प्राचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल ने शुभारंभ किया गया। शोभा महाविद्यालय परिसर से शुरू होकर नगर क्षेत्र के विभिन्न मार्गों से होते हुए महाविद्यालय परिसर में संपन्न हुई। इस मौके विद्यालय के प्राचार्य उनियाल ने कहा कि संस्कृत पंचतत्वों से बनी है और बिना पंचतत्वों से जीवन निर्वहन नहीं हो सकता है। जीने की कला भी संस्कृत से ही प्राप्त होती है। इस अवसर पर आचार्य सुनील दत्त बिजल्वाण, विपिन उनियाल, अजीत नवानी, संगीता जेठुड़ी, रविंद्र किशोर शास्त्री आदि मौजूद थे।
उधर, श्री देवी संपद अध्यात्म संस्कृत महाविद्यालय परमार्थ निकेतन की ओर से संस्कृत सप्ताह के समापन अवसर पर समूहगान, नृत्य, संस्कृत संभाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। नृत्य प्रतियोगिता में आयुुष बडोनी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। संस्कृत संभाषण प्रतियोगिता में सुनील दत्त शर्मा अव्वल रहे। लघु कथा में आदित्य रतूड़ी और संस्कृत सूक्ति लेखन में हरदेश कुमार ने बाजी मारी। समूहगान में दुर्गेश चमोली, अजय चमोली और हरदेश कुमार प्रथम रहे। एकल गान में सुशांत गौड़ और संस्कृत सुलेख प्रतियोगिता में प्रवीण चमोली ने प्रथम स्थान हासिल किया। इस मौके पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि संस्कृत रूपी सागर में वेद पुराण, ज्योतिष, योग, आयुर्वेद, न्याय, दर्शन और व्याकरण आदि अनेक ज्ञानरूपी रत्न छिपे हैं। इस अवसर पर डॉ. सुमन कुमार, डॉ.अनिलचंद्र नौटियाल, डॉ. संतोष मुनि, रजनी, साक्षी, सुनीता अमोली, नंदकिशोर, प्रेमचंद आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
श्रीवेद संस्कृत महाविद्यालय की ओर से संस्कृत सप्ताह के समापन अवसर पर बृहस्पतिवार को संस्कृत शोभायात्रा का आयोजन किया गया। शोभायात्रा के दौरान छात्रों ने लोगों को देववाणी संस्कृत को आचार व्यवहार में शामिल करने के प्रति जागरूक किया।
श्रीवेद संस्कृत महाविद्यालय से संस्कृत शोभायात्रा का महाविद्यालय के प्राचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल ने शुभारंभ किया गया। शोभा महाविद्यालय परिसर से शुरू होकर नगर क्षेत्र के विभिन्न मार्गों से होते हुए महाविद्यालय परिसर में संपन्न हुई। इस मौके विद्यालय के प्राचार्य उनियाल ने कहा कि संस्कृत पंचतत्वों से बनी है और बिना पंचतत्वों से जीवन निर्वहन नहीं हो सकता है। जीने की कला भी संस्कृत से ही प्राप्त होती है। इस अवसर पर आचार्य सुनील दत्त बिजल्वाण, विपिन उनियाल, अजीत नवानी, संगीता जेठुड़ी, रविंद्र किशोर शास्त्री आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
उधर, श्री देवी संपद अध्यात्म संस्कृत महाविद्यालय परमार्थ निकेतन की ओर से संस्कृत सप्ताह के समापन अवसर पर समूहगान, नृत्य, संस्कृत संभाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। नृत्य प्रतियोगिता में आयुुष बडोनी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। संस्कृत संभाषण प्रतियोगिता में सुनील दत्त शर्मा अव्वल रहे। लघु कथा में आदित्य रतूड़ी और संस्कृत सूक्ति लेखन में हरदेश कुमार ने बाजी मारी। समूहगान में दुर्गेश चमोली, अजय चमोली और हरदेश कुमार प्रथम रहे। एकल गान में सुशांत गौड़ और संस्कृत सुलेख प्रतियोगिता में प्रवीण चमोली ने प्रथम स्थान हासिल किया। इस मौके पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि संस्कृत रूपी सागर में वेद पुराण, ज्योतिष, योग, आयुर्वेद, न्याय, दर्शन और व्याकरण आदि अनेक ज्ञानरूपी रत्न छिपे हैं। इस अवसर पर डॉ. सुमन कुमार, डॉ.अनिलचंद्र नौटियाल, डॉ. संतोष मुनि, रजनी, साक्षी, सुनीता अमोली, नंदकिशोर, प्रेमचंद आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन