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महासंघ ने लगाया जांच कमेटी पर भ्ष्टाचार में संलिप्त होने का आरोप
Updated Fri, 31 Aug 2018 12:53 AM IST
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विद्यालय प्रबंधन के दबाव में काम कर रही जांच कमेटी
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
उत्तराखंड अभिभावक संघर्ष महासंघ ने पब्लिक स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए गठित जांच कमेटी के सदस्यों पर भ्रष्टाचार में संलिप्त होने का आरोप लगाया है। आरोप है कि जांच कमेटी विद्यालय प्रबंधन के दबाव में काम कर रही है। महासंघ के संयोजक रवि कुमार जैन बृहस्पतिवार को पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
रवि कुमार जैन ने बताया कि शिक्षा विभाग व निजी शिक्षण संस्थानों का गठजोड़ पूरे शिक्षा तंत्र पर हावी है। लंबे समय से चलाए जा रहे आंदोलन के चलते विभिन्न मांगों को लेकर अनशन किया गया, लेकिन किसी भी बिंदु पर आज तक कोई संतोषजनक कार्रवाई सामने नहीं आ पाई है। शिक्षा विभाग के अधिकारी जांच में महज खानापूर्ति कर रहे हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारी एसबी जोशी की ओर से श्रीभरत मंदिर पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य के लिए नोटिस जारी किया गया था। जिसमें निर्देशित किया गया है कि विकास शुल्क का नाम बदलकर वार्षिक शुल्क वसूल रहे हैं, उन्होंने इसे अनुचित करार दिया है। जबकि उपजिलाधिकारी की बैठक में तय किया गया था कि विद्यालय प्रबंधन उक्त शुल्क नहीं लेंगे, लेकिन शिक्षा महकमे के अफसर पब्लिक स्कूलों के लिए मनमाने तरीके से नियम लागू कर रहे हैं। ऐसे में जांच कमेटी द्वारा प्रस्तुत प्रत्येक बिंदुओं की उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए। इसके अलावा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। उन्होंने चेताया कि ऐसा नहीं होने पर सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
उत्तराखंड अभिभावक संघर्ष महासंघ ने पब्लिक स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए गठित जांच कमेटी के सदस्यों पर भ्रष्टाचार में संलिप्त होने का आरोप लगाया है। आरोप है कि जांच कमेटी विद्यालय प्रबंधन के दबाव में काम कर रही है। महासंघ के संयोजक रवि कुमार जैन बृहस्पतिवार को पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
रवि कुमार जैन ने बताया कि शिक्षा विभाग व निजी शिक्षण संस्थानों का गठजोड़ पूरे शिक्षा तंत्र पर हावी है। लंबे समय से चलाए जा रहे आंदोलन के चलते विभिन्न मांगों को लेकर अनशन किया गया, लेकिन किसी भी बिंदु पर आज तक कोई संतोषजनक कार्रवाई सामने नहीं आ पाई है। शिक्षा विभाग के अधिकारी जांच में महज खानापूर्ति कर रहे हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारी एसबी जोशी की ओर से श्रीभरत मंदिर पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य के लिए नोटिस जारी किया गया था। जिसमें निर्देशित किया गया है कि विकास शुल्क का नाम बदलकर वार्षिक शुल्क वसूल रहे हैं, उन्होंने इसे अनुचित करार दिया है। जबकि उपजिलाधिकारी की बैठक में तय किया गया था कि विद्यालय प्रबंधन उक्त शुल्क नहीं लेंगे, लेकिन शिक्षा महकमे के अफसर पब्लिक स्कूलों के लिए मनमाने तरीके से नियम लागू कर रहे हैं। ऐसे में जांच कमेटी द्वारा प्रस्तुत प्रत्येक बिंदुओं की उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए। इसके अलावा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। उन्होंने चेताया कि ऐसा नहीं होने पर सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।
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