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बाटमाप टीम पर रंगदारी वसूली का आरोप
Updated Tue, 28 Aug 2018 02:20 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। व्यापारियों ने बाटमाप विभाग की टीम पर शहर में दुकानदारों से वसूली का आरोप लगाया है। सोमवार को झंडा चौक पर व्यापारियों ने उन्हें वसूली करने पर पकड़ लिया। इसी बीच किसी तरह से टीम में शामिल अधिकारी व कर्मचारी उनके बीच से निकल चलते बने। आक्रोशित व्यापारियों ने इसकी शिकायत प्रशासन और पुलिस से की है।
सोमवार को दोपहर में बाटमाप विभाग की तीन सदस्यीय टीम झंडा चौक स्थित पुराने बाजार में निरीक्षण को पहुंची। इस दौरान कई व्यापारियों ने रंगदारी वसूली का आरोप लगाते हुए उन्हें पकड़ लिया। हंगामा होने पर आसपास के व्यापारी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने घटना की जानकारी प्रशासन और पुलिस को दी। मामला बढ़ने पर अधिकारी व कर्मचारी पुलिस के आने से पहले ही मौके से भाग खड़े हुए। व्यापारी दीपक अग्रवाल ने बताया कि लापरवाही मिलने पर किसी भी व्यापारी पर कार्रवाई का कायदा होता है, लेकिन संबंधित अधिकारी और उनके कर्मचारी व्यापारियों से सीधे रकम दिए जाने की मांग कर रहे थे।
अग्रवाल ने बताया कि उनकी जेब में भारी मात्रा में नकदी भी थी। बताया कि पकड़ में आने पर टीम किसी तरह से जान बचाकर चली गई। एसडीएम हर गिरि ने बताया कि इस तरह का मामला संज्ञान में नहीं है। बताया कि ऐसा हुआ है, तो संबंधित व्यापारियों को स्थानीय पुलिस को शिकायत करनी चाहिए। प्रशासन को भी शिकायत मिलती है, तो अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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सोमवार को दोपहर में बाटमाप विभाग की तीन सदस्यीय टीम झंडा चौक स्थित पुराने बाजार में निरीक्षण को पहुंची। इस दौरान कई व्यापारियों ने रंगदारी वसूली का आरोप लगाते हुए उन्हें पकड़ लिया। हंगामा होने पर आसपास के व्यापारी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने घटना की जानकारी प्रशासन और पुलिस को दी। मामला बढ़ने पर अधिकारी व कर्मचारी पुलिस के आने से पहले ही मौके से भाग खड़े हुए। व्यापारी दीपक अग्रवाल ने बताया कि लापरवाही मिलने पर किसी भी व्यापारी पर कार्रवाई का कायदा होता है, लेकिन संबंधित अधिकारी और उनके कर्मचारी व्यापारियों से सीधे रकम दिए जाने की मांग कर रहे थे।
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अग्रवाल ने बताया कि उनकी जेब में भारी मात्रा में नकदी भी थी। बताया कि पकड़ में आने पर टीम किसी तरह से जान बचाकर चली गई। एसडीएम हर गिरि ने बताया कि इस तरह का मामला संज्ञान में नहीं है। बताया कि ऐसा हुआ है, तो संबंधित व्यापारियों को स्थानीय पुलिस को शिकायत करनी चाहिए। प्रशासन को भी शिकायत मिलती है, तो अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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