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नगर में प्रधानमंत्री आवास योजना नहीं पकड़ पा रही रफ्तार
Updated Sat, 18 Aug 2018 10:56 PM IST
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कर्णप्रयाग। नगर में केंद्र सरकार की गरीबों को दी जाने वाली प्रधानमंत्री आवास योजना रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। हालात यह है कि वर्ष 2015-16 के 25 आवास अब भी निर्माणाधीन हैं। जबकि चालू वित्तीय वर्ष में स्वीकृत आवासों में 33 पर अभी तक काम शुरू हीं नहीं हो पाया है।
नगर पालिका के सात वार्डों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण के लिए दो लाख की आर्थिक सहायता दी जा रही है। वर्ष 2015-16 में 63 लाभार्थियों का चयन हुआ, लेकिन तीन साल बीतने पर भी चयनित में से 25 आवास अब भी निर्माणाधीन हैं। केवल 8 आवास ही पूर्ण हो पाए हैं। जबकि पालिका चयनित आवासों के लिए 44 लाख से अधिक की धनराशि व्यय कर चुकी है। वर्ष 2018-19 में 68 परिवारों का चयन किया गया, लेकिन हालात यह है कि पांच माह बीत जाने के बाद भी 33 से अधिक आवासों पर काम शुरू नहीं हो पाया है। नगर के सामाजिक कार्यकर्ता मनोरमा नैनवाल, पंकज डिमरी आदि का कहना है कि पालिका की लापरवाही के चलते गरीबों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है। दूसरी ओर नगर पालिका के ईओ आरएस राणा ने कहा कि वर्ष 2015-16 में 29 चयनित परिवार भूमि संबंधी दस्तावेज नहीं दे पाए, जिसके चलते 29 आवास ड्रॉप आउट किए गए। जबकि चालू वित्तीय वर्ष में चयनित 10 परिवारों की भूमि संबंधी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अन्य सभी को प्रथम किश्त के तौर पर धनराशि जारी कर दी गई है।
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नगर पालिका के सात वार्डों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण के लिए दो लाख की आर्थिक सहायता दी जा रही है। वर्ष 2015-16 में 63 लाभार्थियों का चयन हुआ, लेकिन तीन साल बीतने पर भी चयनित में से 25 आवास अब भी निर्माणाधीन हैं। केवल 8 आवास ही पूर्ण हो पाए हैं। जबकि पालिका चयनित आवासों के लिए 44 लाख से अधिक की धनराशि व्यय कर चुकी है। वर्ष 2018-19 में 68 परिवारों का चयन किया गया, लेकिन हालात यह है कि पांच माह बीत जाने के बाद भी 33 से अधिक आवासों पर काम शुरू नहीं हो पाया है। नगर के सामाजिक कार्यकर्ता मनोरमा नैनवाल, पंकज डिमरी आदि का कहना है कि पालिका की लापरवाही के चलते गरीबों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है। दूसरी ओर नगर पालिका के ईओ आरएस राणा ने कहा कि वर्ष 2015-16 में 29 चयनित परिवार भूमि संबंधी दस्तावेज नहीं दे पाए, जिसके चलते 29 आवास ड्रॉप आउट किए गए। जबकि चालू वित्तीय वर्ष में चयनित 10 परिवारों की भूमि संबंधी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अन्य सभी को प्रथम किश्त के तौर पर धनराशि जारी कर दी गई है।
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