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दो दिन में मात्र एक घंटे के लिए खुला बदरीनाथ हाईवे, दोबारा हुआ बंद-compat
Updated Tue, 14 Aug 2018 11:00 PM IST
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जोशीमठ। चट्टान से भूस्खलन के कारण लामबगड़ में बदरीनाथ हाईवे मंगलवार को दूसरे दिन भी सुचारु नहीं हो पाया। हालांकि सुबह दस बजे हाईवे मात्र एक घंटे के लिए खुला तो जगह-जगह रोके गए तीर्थयात्रियों को गंतव्य की ओर रवाना किया गया। इसके बाद दोबारा भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आने से हाईवे बंद हो गया। यहां काम कर रही मेकाफेरी कंपनी की जेसीबी भी बोल्डर की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गई।
बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में रविवार शाम तीन बजे से बंद है। यहां चट्टान से रुक-रुककर मलबा और बोल्डर हाईवे पर गिर रहे हैं। मंगलवार को सुबह नौ बजकर 40 मिनट पर हाईवे खोल दिया गया। इस दौरान पांडुकेश्वर में रोके गए 128 तीर्थयात्री (वाहन से) और 75 तीर्थयात्री तीन किमी पैदल चलकर बदरीनाथ धाम पहुंचे, जबकि बदरीनाथ धाम में रोके गए 188 तीर्थयात्रियों को उनके गंतव्य को भेजा गया। इसके बाद बारिश होने लगी और सुबह दस बजकर 55 मिनट पर चट्टान से मलबा और बोल्डर हाईवे पर आ गए। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने यात्रा वाहनों की आवाजाही रोक दी। दोपहर दो बजे बारिश रुकी तो हाईवे से मलबा और बोल्डरों को हटाने का काम शुरू हुआ, लेकिन शाम तीन बजे चट्टान से छिटककर आया एक बोल्डर जेसीबी के ऊपर से गिरा। इससे मशीन का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। यहां रुक-रुककर पत्थरों के गिरने के कारण शाम चार बजे मशीन ऑपरेटर और मजदूरों ने काम करना बंद कर दिया। मेकाफेरी कंपनी के इंजीनियर हिमांशु का कहना है कि बुधवार को मौसम सामान्य होने के बाद ही हाईवे को खोलने का काम शुरू किया जाएगा।
बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में रविवार शाम तीन बजे से बंद है। यहां चट्टान से रुक-रुककर मलबा और बोल्डर हाईवे पर गिर रहे हैं। मंगलवार को सुबह नौ बजकर 40 मिनट पर हाईवे खोल दिया गया। इस दौरान पांडुकेश्वर में रोके गए 128 तीर्थयात्री (वाहन से) और 75 तीर्थयात्री तीन किमी पैदल चलकर बदरीनाथ धाम पहुंचे, जबकि बदरीनाथ धाम में रोके गए 188 तीर्थयात्रियों को उनके गंतव्य को भेजा गया। इसके बाद बारिश होने लगी और सुबह दस बजकर 55 मिनट पर चट्टान से मलबा और बोल्डर हाईवे पर आ गए। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने यात्रा वाहनों की आवाजाही रोक दी। दोपहर दो बजे बारिश रुकी तो हाईवे से मलबा और बोल्डरों को हटाने का काम शुरू हुआ, लेकिन शाम तीन बजे चट्टान से छिटककर आया एक बोल्डर जेसीबी के ऊपर से गिरा। इससे मशीन का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। यहां रुक-रुककर पत्थरों के गिरने के कारण शाम चार बजे मशीन ऑपरेटर और मजदूरों ने काम करना बंद कर दिया। मेकाफेरी कंपनी के इंजीनियर हिमांशु का कहना है कि बुधवार को मौसम सामान्य होने के बाद ही हाईवे को खोलने का काम शुरू किया जाएगा।
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