{"_id":"5b6ca63e4f1c1b6e118b845d","slug":"15338470948-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमर बलिदानियों की याद में रोपे पौधे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमर बलिदानियों की याद में रोपे पौधे
Updated Fri, 10 Aug 2018 02:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर बलिदानियों की याद में रोपे पौधे
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
गढ़वाल महासभा की ओर से बृहस्पतिवार को मायाकुंड स्थित निशुल्क शिक्षण संस्थान उड़ान स्कूल में अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर स्वतंत्रता सेनानियों व आतंकी मुठभेड़ में शहीद हुए अमर बलिदानियों का भावपूर्ण स्मरण किया गया और वीर सैनिकों की स्मृति में पौधे रोपे गए। इस दौरान कश्मीर के बांदीपुरा के गुरेज सेक्टर में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए सैनिक हमीर सिंह पोखरियाल व कोटद्वार के मनदीप सिंह रावत की आत्म शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इस मौके पर संस्थान के निदेशक डॉ. राजे नेगी ने स्कूली बच्चों को अगस्त क्रांति दिवस के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि द्वितीय विश्वयुद्ध में समर्थन लेने के बावजूद जब अंग्रेज भारत को स्वतंत्र करने को तैयार नहीं हुए, तो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन के तौर पर आजादी के लिए आखिरी जंग का एलान किया। जिससे ब्रितानिया हुकूमत दहशत में आ गई। इस आंदोलन की शुरुआत नौ अगस्त 1942 को हुई थी, लिहाजा इतिहास में यह तिथि अगस्त क्रांति दिवस के रूप में दर्ज है। इस अवसर पर उत्तम सिंह असवाल, अमन त्यागी, जसमीत कौर, हिमाद्री त्यागी, मीनाक्षी राणा, प्रियंका कुकरेती, प्रिया क्षेत्री, हर्षिता ठाकुर, दिव्या सक्सेना आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
गढ़वाल महासभा की ओर से बृहस्पतिवार को मायाकुंड स्थित निशुल्क शिक्षण संस्थान उड़ान स्कूल में अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर स्वतंत्रता सेनानियों व आतंकी मुठभेड़ में शहीद हुए अमर बलिदानियों का भावपूर्ण स्मरण किया गया और वीर सैनिकों की स्मृति में पौधे रोपे गए। इस दौरान कश्मीर के बांदीपुरा के गुरेज सेक्टर में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए सैनिक हमीर सिंह पोखरियाल व कोटद्वार के मनदीप सिंह रावत की आत्म शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इस मौके पर संस्थान के निदेशक डॉ. राजे नेगी ने स्कूली बच्चों को अगस्त क्रांति दिवस के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि द्वितीय विश्वयुद्ध में समर्थन लेने के बावजूद जब अंग्रेज भारत को स्वतंत्र करने को तैयार नहीं हुए, तो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन के तौर पर आजादी के लिए आखिरी जंग का एलान किया। जिससे ब्रितानिया हुकूमत दहशत में आ गई। इस आंदोलन की शुरुआत नौ अगस्त 1942 को हुई थी, लिहाजा इतिहास में यह तिथि अगस्त क्रांति दिवस के रूप में दर्ज है। इस अवसर पर उत्तम सिंह असवाल, अमन त्यागी, जसमीत कौर, हिमाद्री त्यागी, मीनाक्षी राणा, प्रियंका कुकरेती, प्रिया क्षेत्री, हर्षिता ठाकुर, दिव्या सक्सेना आदि मौजूद रहे।