{"_id":"5b672cc94f1c1b827d8b6d03","slug":"153348832118-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलकनंदा नदी से गुजर रही पेयजल योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलकनंदा नदी से गुजर रही पेयजल योजना
Updated Sun, 05 Aug 2018 10:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
श्रीनगर। एएचपीसीएल (अलकनंदा हाइड्रो पावर कंपनी लि.) वित्त पोषित श्रीनगर-पौड़ी वैकल्पिक स्रोत पेयजल योजना के पाइप अलकनंदा नदी के समानांतर गुजर रही है। ऐसे में जलस्तर बढ़ने से पाइप लाइन के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है।
जल विद्युत परियोजना के वित्तीय सहयोग से वैकल्पिक स्रोत से पेयजल योजना का निर्माण किया जा रहा है। योजना निर्माण के लिए पेयजल निगम, जल संस्थान और एएचपीसीएल के बीच 30 मार्च 2012 को अनुबंध हुआ। करीब 19 करोड़ से योजना के पाइप श्रीकोट गंगानाली के नीचे करीब 200 मीटर लंबाई में अलकनंदा नदी के समानांतर गुजर रही है। ऐसे में पाइप लाइन बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ने पर डूब रही है। इधर, कार्यदायी संस्था पेयजल निर्माण निगम देवप्रयाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि जहां पर पाइप खुले में हैं, वहां पेंट लगाया जाएगा। पाइप को पानी से नुकसान न हो इसके लिए सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।
जल विद्युत परियोजना के वित्तीय सहयोग से वैकल्पिक स्रोत से पेयजल योजना का निर्माण किया जा रहा है। योजना निर्माण के लिए पेयजल निगम, जल संस्थान और एएचपीसीएल के बीच 30 मार्च 2012 को अनुबंध हुआ। करीब 19 करोड़ से योजना के पाइप श्रीकोट गंगानाली के नीचे करीब 200 मीटर लंबाई में अलकनंदा नदी के समानांतर गुजर रही है। ऐसे में पाइप लाइन बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ने पर डूब रही है। इधर, कार्यदायी संस्था पेयजल निर्माण निगम देवप्रयाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि जहां पर पाइप खुले में हैं, वहां पेंट लगाया जाएगा। पाइप को पानी से नुकसान न हो इसके लिए सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।
विज्ञापन