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पौने दो लाख से अधिक कांवड़ियों ने किया नीलकंठ में जलाभिषेक
Updated Sat, 04 Aug 2018 02:08 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के तहत शुक्रवार को पौराणिक नीलकंठ महादेव मंदिर में पौने दो लाख से अधिक शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। वह बम बम भोले हर हर महादेव के जयघोष के साथ मणिकूट पर्वत श्रंखलाओं को गुंजायमान करते हुए प्राचीन शिवधाम पहुंचे। जलाभिषेक के लिए कांवड़िये देर रात से ही लाइनों में लगने शुरू हो गए थे। इस दौरान ब्रह्ममुहूर्त से शुरू हुआ जलाभिषेक का सिलसिला सांध्यकालीन आरती के बाद भी जारी रहा। श्रावणमास की कांवड़ यात्रा में पहुंचने वाले शिवभक्तों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। अब तक आठ लाख से अधिक श्रद्धालु प्राचीन नीलकंठ धाम के दर्शन कर चुके हैं।
शुक्रवार को तीर्थनगरी में शिवभक्त कांवड़ियों में गंगा में डुबकी लगाई और पैदल व यातायात मार्गों से होते हुए प्राचीन नीलकंठ धाम पहुंचे। उधर नीलकंठ में दर्शनार्थियों के लिए ब्रह्ममुहूर्त में मंदिर के कपाट खोल दिए गए थे। इस दौरान नीलकंठ पैदल मार्ग पर शिवभक्तों का सैलाब उमड़ा रहा। थानाध्यक्ष लक्ष्मणझूला प्रदीप कुमार ने बताया कि शाम सात बजे तक 1,63,600 शिवभक्त जलाभिषेक कर चुके थे। जबकि अब तक नीलकंठ महादेव के दर्शन करने वाले शिवभक्तों की संख्या 8,65,160 पहुंच चुकी है।
झूला पुलों पर लागू रही एकलमार्गीय व्यवस्था
कांवड़ियों की भीड़ बढ़ने पर शुक्रवार को थाना मुनिकीरेती पुलिस ने झूला पुलों पर एकलमार्गीय व्यवस्था लागू कर दी। इस दौरान नीलकंठ धाम के दर्शन को जाने वाले शिवभक्तों को मुनिकीरेती से तपोवन होते हुए लक्ष्मणझूला की ओर से भेजा गया। जबकि दर्शन कर लौटने वाले यात्रियों को शिवानंद राम झूला से गंतव्य की ओर रवाना किया गया। एकलमार्गीय व्यवस्था लागू होने से खासकर नीलकंठ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को खासी फजीहत झेलनी पड़ी। खासकर पैदल यात्रियों को मुनिकीरेती से स्वर्गाश्रम जाने के लिए महज 500 मी. मार्ग की बजाए पांच किलोमीटर नापने पड़े।
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श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के तहत शुक्रवार को पौराणिक नीलकंठ महादेव मंदिर में पौने दो लाख से अधिक शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। वह बम बम भोले हर हर महादेव के जयघोष के साथ मणिकूट पर्वत श्रंखलाओं को गुंजायमान करते हुए प्राचीन शिवधाम पहुंचे। जलाभिषेक के लिए कांवड़िये देर रात से ही लाइनों में लगने शुरू हो गए थे। इस दौरान ब्रह्ममुहूर्त से शुरू हुआ जलाभिषेक का सिलसिला सांध्यकालीन आरती के बाद भी जारी रहा। श्रावणमास की कांवड़ यात्रा में पहुंचने वाले शिवभक्तों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। अब तक आठ लाख से अधिक श्रद्धालु प्राचीन नीलकंठ धाम के दर्शन कर चुके हैं।
शुक्रवार को तीर्थनगरी में शिवभक्त कांवड़ियों में गंगा में डुबकी लगाई और पैदल व यातायात मार्गों से होते हुए प्राचीन नीलकंठ धाम पहुंचे। उधर नीलकंठ में दर्शनार्थियों के लिए ब्रह्ममुहूर्त में मंदिर के कपाट खोल दिए गए थे। इस दौरान नीलकंठ पैदल मार्ग पर शिवभक्तों का सैलाब उमड़ा रहा। थानाध्यक्ष लक्ष्मणझूला प्रदीप कुमार ने बताया कि शाम सात बजे तक 1,63,600 शिवभक्त जलाभिषेक कर चुके थे। जबकि अब तक नीलकंठ महादेव के दर्शन करने वाले शिवभक्तों की संख्या 8,65,160 पहुंच चुकी है।
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झूला पुलों पर लागू रही एकलमार्गीय व्यवस्था
कांवड़ियों की भीड़ बढ़ने पर शुक्रवार को थाना मुनिकीरेती पुलिस ने झूला पुलों पर एकलमार्गीय व्यवस्था लागू कर दी। इस दौरान नीलकंठ धाम के दर्शन को जाने वाले शिवभक्तों को मुनिकीरेती से तपोवन होते हुए लक्ष्मणझूला की ओर से भेजा गया। जबकि दर्शन कर लौटने वाले यात्रियों को शिवानंद राम झूला से गंतव्य की ओर रवाना किया गया। एकलमार्गीय व्यवस्था लागू होने से खासकर नीलकंठ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को खासी फजीहत झेलनी पड़ी। खासकर पैदल यात्रियों को मुनिकीरेती से स्वर्गाश्रम जाने के लिए महज 500 मी. मार्ग की बजाए पांच किलोमीटर नापने पड़े।
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