{"_id":"5b5f79ff4f1c1b54208b6167","slug":"153298380112-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आस्था की आड़ में ओवरलोडिंग की खुली छूट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आस्था की आड़ में ओवरलोडिंग की खुली छूट
Updated Tue, 31 Jul 2018 02:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
कांवड़ यात्रा में आस्था की आड़ में वाहन चालक खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाते दिख रहे हैं। वाहनों में कांवड़िये ओवरलोड भरकर बिठाए जा रहे हैं, जिसके चलते कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। खासबात यह है कि ओवरलोडिंग रोकने के लिए सरकार बाकायदा शासनादेश जारी कर चुकी है और कोर्ट भी इस मामले में सख्त है। मगर आदेश को पालन करने वाले अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। कई स्थानों पर बनी चेकपोस्ट और सुरक्षा व यातायात व्यवस्था के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मियों की तैनाती होने के बावजूद ओवरलोडिंग को नहीं रोका जा रहा है। कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाएं बनाने को लेकर पूर्व में हुई बैठकों में आला अफसरों ने ओवरलोडिंग रोकने के लिए सख्ती से निपटने का दावा किया था, मगर यात्रा शुरू होते ही सड़क पर रोजाना दावों की पोल खुल रही है। और दावा करने वाले आला अफसर नदारद हैं। संभागीय परिवहन विभाग के मुताबिक तीर्थनगरी में संचालित अधिकांश थ्री व्हीलर चालक समेत सात सवारियों में पास हैं, लेकिन निर्धारित मानक की रोजाना धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। तिपहिया वाहनों में कांवड़ यात्रा के दौरान 12 से लेकर 15 तक सवारियों को ढोया जा रहा है। बावजूद इसके अधिकारी नियमों का पालन कराने को तैयार नहीं दिख रहे हैं।
कोट्स
संसाधनों और मैन पावर की कमी के चलते ओवरलोडिंग रोकने में दिक्कत पेश आ रही है। बावजूद इसके किसी को भी नियमों के उल्लंघन की छूट नहीं दी जा सकती । विभाग ओवरलोडिंग रोकने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। सोमवार को भी रायवाला क्षेत्र में क्षमता से अधिक सवारियां ढोने पर एक थ्री व्हीलर को सीज किया गया है। भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।
- डॉ. अनीता चमोला, एआरटीओ, ऋषिकेश।
विज्ञापन
कांवड़ यात्रा में आस्था की आड़ में वाहन चालक खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाते दिख रहे हैं। वाहनों में कांवड़िये ओवरलोड भरकर बिठाए जा रहे हैं, जिसके चलते कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। खासबात यह है कि ओवरलोडिंग रोकने के लिए सरकार बाकायदा शासनादेश जारी कर चुकी है और कोर्ट भी इस मामले में सख्त है। मगर आदेश को पालन करने वाले अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। कई स्थानों पर बनी चेकपोस्ट और सुरक्षा व यातायात व्यवस्था के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मियों की तैनाती होने के बावजूद ओवरलोडिंग को नहीं रोका जा रहा है। कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाएं बनाने को लेकर पूर्व में हुई बैठकों में आला अफसरों ने ओवरलोडिंग रोकने के लिए सख्ती से निपटने का दावा किया था, मगर यात्रा शुरू होते ही सड़क पर रोजाना दावों की पोल खुल रही है। और दावा करने वाले आला अफसर नदारद हैं। संभागीय परिवहन विभाग के मुताबिक तीर्थनगरी में संचालित अधिकांश थ्री व्हीलर चालक समेत सात सवारियों में पास हैं, लेकिन निर्धारित मानक की रोजाना धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। तिपहिया वाहनों में कांवड़ यात्रा के दौरान 12 से लेकर 15 तक सवारियों को ढोया जा रहा है। बावजूद इसके अधिकारी नियमों का पालन कराने को तैयार नहीं दिख रहे हैं।
कोट्स
संसाधनों और मैन पावर की कमी के चलते ओवरलोडिंग रोकने में दिक्कत पेश आ रही है। बावजूद इसके किसी को भी नियमों के उल्लंघन की छूट नहीं दी जा सकती । विभाग ओवरलोडिंग रोकने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। सोमवार को भी रायवाला क्षेत्र में क्षमता से अधिक सवारियां ढोने पर एक थ्री व्हीलर को सीज किया गया है। भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।
विज्ञापन
- डॉ. अनीता चमोला, एआरटीओ, ऋषिकेश।