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ट्रेनी फार्मेसिस्ट इलाज तो वार्ड ब्वाय जांच रहे बीपी
Updated Tue, 31 Jul 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
कांवड़ यात्रा में सरकारी इंतजाम किस तरह से बेपटरी हैं, इसकी बानगी अब स्वास्थ्य विभाग ने पेश की है। श्यामपुर में यात्रा में आने वाले शिवभक्तों के लिए स्वास्थ्य शिविर की व्यवस्था की गई है, लेकिन इसमें डाक्टर की बजाए ट्रेनी फार्मेसिस्टों को बिठाया गया है। यहां स्वास्थ्य की जांच वार्ड बॉय तक कर रहे हैं। गढ़वाल आयुक्त शैलेष बगोली ने कांवड़ यात्रा में शिवभक्तों की तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से श्यामपुर में यात्राकाल तक स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए थे।
स्वास्थ्य विभाग को यात्रा शुरू होने के चार दिन बाद इसकी सुध आई और श्यामपुर में पुलिस चौकी के समीप कैंप खुलवा दिया गया, लेकिन इसमें चिकित्सक और दक्ष फार्मेसिस्ट तक की तैनात नहीं की गई है। सोमवार को शिविर में एक ट्रेनी फार्मेसिस्ट और उपनल के वार्ड बॉय को भेज दिया गया। खास बात यह है कि ट्रेनी फार्मेसिस्ट लोगों को उपचार और वार्ड बॉय ब्लड प्रेशर नापता नजर आया। यात्रा में दिन-प्रतिदिन सरकारी व्यवस्थाओं की खामियां उजागर हो रही हैं, इसमें नेशनल हाईवे से लेकर अन्य सड़कों का बदहाल होना। साफ-सफाई के इंतजामों का पटरी से उतरना शामिल है, लेकिन अब कांवड़ियों के स्वास्थ्य की जांच को लेकर भी लापरवाही बरती जा रही है।
कोट्स
कैंप में एक आयुर्वेदिक डॉक्टर की तैनाती की गई है। इसके साथ ही शिविर में इंटर्न फार्मेसिस्ट भी काम कर रहे हैं। यदि ट्रेनी फार्मासिस्ट इलाज कर रहे हैं, तो इसे दिखवाया जाएगा। यह गंभीर मामला है, इसकी जांच कराई जाएगी।
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- डॉ. एनएस तोमर, सीएमएस, सरकारी अस्पताल, ऋषिकेश
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कांवड़ यात्रा में सरकारी इंतजाम किस तरह से बेपटरी हैं, इसकी बानगी अब स्वास्थ्य विभाग ने पेश की है। श्यामपुर में यात्रा में आने वाले शिवभक्तों के लिए स्वास्थ्य शिविर की व्यवस्था की गई है, लेकिन इसमें डाक्टर की बजाए ट्रेनी फार्मेसिस्टों को बिठाया गया है। यहां स्वास्थ्य की जांच वार्ड बॉय तक कर रहे हैं। गढ़वाल आयुक्त शैलेष बगोली ने कांवड़ यात्रा में शिवभक्तों की तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से श्यामपुर में यात्राकाल तक स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए थे।
स्वास्थ्य विभाग को यात्रा शुरू होने के चार दिन बाद इसकी सुध आई और श्यामपुर में पुलिस चौकी के समीप कैंप खुलवा दिया गया, लेकिन इसमें चिकित्सक और दक्ष फार्मेसिस्ट तक की तैनात नहीं की गई है। सोमवार को शिविर में एक ट्रेनी फार्मेसिस्ट और उपनल के वार्ड बॉय को भेज दिया गया। खास बात यह है कि ट्रेनी फार्मेसिस्ट लोगों को उपचार और वार्ड बॉय ब्लड प्रेशर नापता नजर आया। यात्रा में दिन-प्रतिदिन सरकारी व्यवस्थाओं की खामियां उजागर हो रही हैं, इसमें नेशनल हाईवे से लेकर अन्य सड़कों का बदहाल होना। साफ-सफाई के इंतजामों का पटरी से उतरना शामिल है, लेकिन अब कांवड़ियों के स्वास्थ्य की जांच को लेकर भी लापरवाही बरती जा रही है।
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कैंप में एक आयुर्वेदिक डॉक्टर की तैनाती की गई है। इसके साथ ही शिविर में इंटर्न फार्मेसिस्ट भी काम कर रहे हैं। यदि ट्रेनी फार्मासिस्ट इलाज कर रहे हैं, तो इसे दिखवाया जाएगा। यह गंभीर मामला है, इसकी जांच कराई जाएगी।
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- डॉ. एनएस तोमर, सीएमएस, सरकारी अस्पताल, ऋषिकेश